हिमाचल प्रदेश समाचार – कारगिल युद्ध के दौरान प्रदेश के 52 बहादुर सैनिक हुए थे शहीद, मंडी के 12 जवान भी थे शामिल

“कारगिल युद्ध के दौरान प्रदेश के 52 बहादुर सैनिक शहीद हुए थे। इस युद्ध में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के सबसे ज्यादा 15 जवान शहीद हुए. कांगड़ा के बाद सबसे ज्यादा मंडी जिले के जवान शहीद हुए थ। मंडी जिला से 12 जवानों ने शहादत पाई थी”
Mandi 26/07/2024 Reporting By Santosh Seth
भारत के वीर योद्धाओं ने 26 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को हरा कर कारगिल की ऊंची चोटियों पर विजय हासिल की थी। जिसके चलते हर साल 26 जुलाई को पूरा देश कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाता है। ऑपरेशन विजय यानि कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के वीर जवानों ने अपना शौर्य प्रदर्शित किया।
इस दौरान प्रदेश के 52 बहादुर सैनिक शहीद हुए इस युद्ध में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के सबसे ज्यादा 15 जवान शहीद हुए। कांगड़ा के बाद सबसे ज्यादा मंडी जिले के जवान शहीद हुए थे। मंडी जिला से 12 जवानों ने शहादत पाई थी।
हिमाचल प्रदेश एक्ससर्विस लीग मंडी के महासचिव हेतराम शर्मा ने बताया कि इस वर्ष कारगिल युद्ध के विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मंडी के शहीद स्मारक में 26 जुलाई को बड़ी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस बार विजय दिवस की व्यवस्था जिला प्रशासन और जिला सैनिक कल्याण विभाग के सहयोग से की जा रही है।
उन्होंने सभी पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व उनके परिजनों से अनुरोध किया है कि 26 जुलाई को संकन गार्डन इंदिरा मार्केट में बने शहीद स्मारक में साढ़े दस बजे तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक अपने-अपने मेडल, वैटरन या कैप पहनकर कार्यक्रम में भाग ले। उन्होंने बताया कि विजय दिवस पर वीरनारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस बार विजय दिवस की रजत जयंती समारोह है। -एचडीएम
18 ग्रेनेडियर ने खोला था जीत का रास्ता
कारगिल युद्ध के जांबाज योद्धाओं में एक नाम ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर का भी आता है, जिन्हें कारगिल युद्ध का हीरो भी कहा जाता है, ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर मंडी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। इनके नेतृत्व वाली 18 ग्रेनेडियर ने न केवल टाइगर हिल और तोलोलिंग पर विजय पताका फहराया, बल्कि कारगिल युद्ध की जीत का रास्ता भी तैयार किया था।
ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने बताया कि कारगिल युद्ध में मेरे पास 18 ग्रेनेडियर की कमान थी, हमारी यूनिट ने तोलोलिंग की पहाड़ी और करगिल की पहाड़ी टाइगर हिल पर विजय पताका फ हराई थी। 18 ग्रेनडियर को 52 वीरता पुरस्कार मिले थे, जो अब तक का मिलट्री इतिहास है। तोलोलिंग पर दुश्मन के साथ संघर्ष चल रहा था। उस दृश्य को याद करूं तो कारगिल का युद्ध इतना कठिन था और वहां आड़ के लिए खाली व सूखी पहाडिय़ों के अलावा तिनका तक भी नहीं था।
मंडी के 12 जवान हुए थे शहीद
युद्ध में 527 भारतीय सैनिक शहीद हुए और 1367 जख्मी हुए थे। मंडी के 12 वीर जवानों ने शहादत का जाम पिया था। जिसमें कैप्टन दीपक गुलेरिया, नायक अशोक कुमार, गे्रनेडियर पॉल चंद, नायक मेहर सिंह, सिपाही टेकचंद, नायक सरवन कुमार, गे्रनेडियर नरेश कुमार, नायब सूबेदार खेमचंद, हवलदार कृष्ण चंद, हवलदार गुरदास सिंह, सिपाही राजेश चौहान, सिपाही हीरा सिंह शामिल हैं।











