जौनपुर: VBSPU में योग सत्र, 600 NCC कैडेट्स ने लिया हिस्सा
🧘♂️ जौनपुर: पूर्वांचल विश्वविद्यालय में भव्य योग सत्र, कुलपति प्रो. वंदना सिंह के मार्गदर्शन में 600 NCC कैडेट्स ने किया योगाभ्यास”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के उपलक्ष्य में जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (VBSPU) के इनडोर स्टेडियम में एक विशेष और भव्य योग सत्र का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के लगभग 600 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अनुशासन के बीच योग, प्राणायाम व ध्यान का अभ्यास किया।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस योग सत्र की मुख्य बातें और कुलपति द्वारा दिए गए स्वास्थ्य के मूलमंत्र:
🧘♀️ कुलपति स्वयं बनीं योग प्रशिक्षक: बताया शारीरिक और मानसिक लाभ
इस विशेष सत्र की सबसे खास बात यह रही कि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने स्वयं एक योग प्रशिक्षक की भूमिका निभाई।
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सिखाए आसन: उन्होंने कैडेट्स को विभिन्न योगासनों और ध्यान (Meditation) की सटीक विधियों का प्रशिक्षण दिया।
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योग का महत्व: प्रो. सिंह ने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और व्यक्तित्व विकास (Personality Development) का भी एक बेहद सशक्त आधार है। यह तन, मन और आत्मा को जोड़कर हमारे जीवन को संतुलित, स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण बनाता है।
🌿 ‘दिनचर्या का हिस्सा बनाएं योग, ऑफिस में बैठकर भी कर सकते हैं अभ्यास’
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने एनसीसी कैडेटों का आह्वान किया कि वे योग को नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
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उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तनाव (Stress) को कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
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उन्होंने यह भी उपयोगी जानकारी दी कि कई सरल योगाभ्यास ऐसे भी हैं, जिन्हें छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान या नौकरीपेशा लोग कार्यालय में कुर्सी पर बैठकर भी आसानी से कर सकते हैं।
🇮🇳 ‘ऋषि-मुनियों की अमूल्य धरोहर है योग’
छात्रों को प्रेरित करते हुए कुलपति ने भारतीय ऋषि-मुनियों और महापुरुषों के जीवन का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हमारे पूर्वजों ने योग के माध्यम से दीर्घायु, अद्भुत ऊर्जा, एकाग्रता और असाधारण कार्यक्षमता प्राप्त की थी।
प्रो. सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है। इसे अपनाकर हमारी युवा पीढ़ी खुद को स्वस्थ रख सकती है और एक सशक्त राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
संकल्प के साथ हुआ समापन: कार्यक्रम के दौरान सभी NCC कैडेटों ने पूरे अनुशासन और एकाग्रता के साथ सक्रिय रूप से भाग लिया।
योगाभ्यास के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
नोट: उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों, शिक्षा जगत और युवाओं से जुड़ी हर सकारात्मक व बड़ी खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











