कलबुर्गी सेंट्रल जेल की दीवार और कर्नाटक पुलिस का तलाशी अभियान

कर्नाटक: कलबुर्गी जेल से 3 कैदी फरार, एनकाउंटर में एक गिरफ्तार

कलबुर्गी जेल से उम्रकैद के 3 कैदी फरार, पुलिस एनकाउंटर में एक गिरफ्तार; 8 अधिकारी सस्पेंड”

कलबुर्गी/बीदर: कर्नाटक की कलबुर्गी सेंट्रल जेल से मंगलवार तड़के एक बड़ी घटना सामने आई, जहां उम्रकैद की सजा काट रहे तीन कैदी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए जेल से फरार हो गए।

हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते कुछ ही घंटों बाद इनमें से एक कैदी को बीदर जिले में पुलिस एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बड़ी लापरवाही के चलते 8 जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

कौन हैं फरार होने वाले कैदी?

जेल से भागने वाले तीनों कैदी गंभीर अपराधों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे:

  • मस्तान: बसवकल्याण तालुक के इस्लामपुर गांव का निवासी (पॉक्सो एक्ट में दोषी)।

  • संतोष बसप्पा: औराद तालुक के संतपुर गांव का निवासी (पॉक्सो एक्ट में दोषी)।

  • सागर भीमराया: बीदर तालुक के बकचौडी गांव का निवासी (हत्या के मामले में दोषी)।

हुमनाबाद में पुलिस एनकाउंटर और गिरफ्तारी

फरार कैदियों में से संतोष बसप्पा को पुलिस ने आज सुबह बीदर जिले के हुमनाबाद के पास पकड़ लिया।

  • बीदर जिला पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि संतोष हुमनाबाद के पास कहीं छिपा हुआ है।

  • जेल से भागने के बाद तीन में से दो कैदी पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस पकड़कर हुमनाबाद पहुंचे थे।

  • पुलिस ने हुमनाबाद के बाहरी इलाके में चेकपॉइंट लगाकर चेकिंग शुरू की। पुलिस को देखते ही कैदियों ने इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ भागने की कोशिश की।

  • जब पुलिस टीम संतोष को पकड़ने पहुंची, तो उसने अचानक पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। इसके जवाब में पुलिस ने उसके घुटने के नीचे गोली मारी और उसे गिरफ्तार कर लिया।

कैसे रची गई जेल ब्रेक की इतनी तगड़ी साजिश?

अक्सर देश की अलग-अलग जेलों से कैदियों के भागने की खबरें आती हैं, लेकिन कलबुर्गी जेल से आई तस्वीरों से साफ है कि यह पूरी प्लानिंग के साथ किया गया एस्केप था:

  • बाथरूम की खिड़की काटी: कैदियों ने अपनी बैरक के बाथरूम की खिड़की में लगे लोहे के सरियों को काटा और उन्हें मोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया।

  • सीढ़ी का इस्तेमाल: जेल के अंदर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने कंपाउंड की दीवार पर चढ़ने के लिए वहां रखी सीढ़ी का इस्तेमाल किया।

  • कपड़ों की रस्सी: बिजली के तारों वाली बाड़ को पार करने और ऊंची दीवार से नीचे उतरने के लिए कैदियों ने अपनी टी-शर्ट और तौलियों को बांधकर रस्सी बनाई।

  • घटना मंगलवार तड़के 4:00 बजे से 4:30 बजे के बीच की बताई जा रही है।

प्रशासन का एक्शन और आगे की जांच

इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जेल प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से ड्यूटी पर तैनात आठ अधिकारियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बाकी बचे दो फरार कैदियों (मस्तान और सागर) की तलाश के लिए कई स्पेशल टीमें गठित की हैं।

पुलिस कैदियों के भागने के रूट और मददगारों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है।