Chhattisgarh Kawardha Ghar Wapsi News

छत्तीसगढ़: कवर्धा में पादरी समेत 200 आदिवासियों की ‘घर वापसी’

छत्तीसगढ़: कवर्धा में पादरी समेत 200 आदिवासियों की ‘घर वापसी’, BJP विधायक भावना बोहरा ने पैर धोकर किया स्वागत”

कवर्धा/रायपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : कृष्णा सोनी की रिपोर्ट 

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ आदिवासी समुदाय के 200 सदस्यों ने अपने मूल हिंदू धर्म में ‘घर वापसी’ की है।

इस पूरे आयोजन में सबसे खास बात यह रही कि मूल धर्म में लौटने वालों में एक चर्च के पादरी भी शामिल हैं।

क्षेत्रीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक भावना बोहरा की मौजूदगी में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।

पैर धोकर और पूरे रीति-रिवाजों के साथ हुआ सम्मान

‘घर वापसी’ के इस कार्यक्रम में बीजेपी विधायक भावना बोहरा ने स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आदिवासी समुदाय के लोगों का अपने मूल धर्म में स्वागत किया।

विधायक ने सम्मान और आत्मीयता प्रकट करते हुए ‘घर वापसी’ करने वाले लोगों के पैर भी धोए और उन्हें इस फैसले के लिए बधाई दी।

‘PM मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ था अभियान’

इस मौके पर विधायक भावना बोहरा ने इस अभियान की पृष्ठभूमि और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, “पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं की मदद से यह एक बड़ा अभियान चल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से ही हमने लोगों की ‘घर वापसी’ शुरू की थी और हमें खुशी है कि यह सिलसिला अनवरत जारी है।

आज एक बार फिर 150-200 लोग अपने मूल धर्म में लौटे हैं, जिनमें एक पादरी भी शामिल हैं। हमारा यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक भटके हुए सभी लोग अपने मूल धर्म में वापस नहीं लौट आते।”

अब तक 700 से ज्यादा लोग कर चुके हैं वापसी

पंडरिया और इसके आस-पास के ग्रामीण तथा वनांचल क्षेत्रों में यह अभियान पिछले कुछ महीनों से काफी सक्रिय है।

विधायक के मुताबिक, अब तक आदिवासी समुदाय के 700 से 750 से अधिक लोग वापस हिंदू धर्म अपना चुके हैं। इससे पहले भी कई चरणों में घर वापसी हो चुकी है, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • नेउर वन क्षेत्र (आसपास के गांव): 115 लोग

  • कुई-कुकदुर क्षेत्र: 70 लोग

  • दमगढ़ गांव: 50 लोग

  • कुलहिडोंगरी गांव: 140 लोग

पंडरिया इलाके में चल रहे इस ‘घर वापसी’ अभियान ने पूरे प्रदेश की राजनीति और सामाजिक हलकों में एक नई चर्चा छेड़ दी है।

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वनांचल क्षेत्रों में यह अभियान और तेज हो सकता है।