काशी गंगा इफ्तार विवाद

काशी: गंगा में नाव पर बिरयानी खाने का आरोप, 14 युवक हिरासत में

काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर ‘इफ्तार और बिरयानी’ का आरोप: भाजयुमो की शिकायत पर FIR दर्ज, 14 युवक हिरासत में

वाराणसी (काशी): द पॉलिटिक्स अगेन : 

धर्मनगरी काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और नदी में चिकन बिरयानी के अवशेष फेंकने का एक गंभीर मामला सामने आया है।

इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 युवकों को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा विवाद?

भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में दी गई अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने गंगा नदी में नाव पर बैठकर इफ्तार किया।

आरोप है कि इस दौरान उन्होंने चिकन बिरयानी खाई और बची हुई जूठन (अवशेष) को पवित्र गंगा नदी में फेंक दिया।

वीडियो साक्ष्य भी सौंपा गया

शिकायतकर्ता का कहना है कि इस कृत्य से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और यह जानबूझकर भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा से किया गया है।

भाजयुमो की तरफ से पुलिस को घटना का एक वीडियो भी साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, उस नाव चालक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई और उसका लाइसेंस निरस्त करने की मांग की गई है, जिसकी नाव पर यह सब हुआ।

पुलिस का एक्शन: 14 लोग हिरासत में

कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तहरीर के आधार पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 युवकों को हिरासत में लिया है और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।

प्रशासन इस बात को लेकर सतर्क है कि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और शहर का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।