“श्रीखंड महादेव की पहाडिय़ों पर बादल फटने के चलते जहां भारी तबाही हुई है, वहीं श्रीखंड यात्रा पर निकले 300 लोग भी यहां फस गए हैं”
शिमला 03/08/2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट
हालांकि सभी लोग सुरक्षित हैं और स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें शरण दी गई है, लेकिन जगह-जगह सडक़ खराब होने के चलते उनके वाहन भी फंसे हुए हैं, जिसके चलते वह यहां से नहीं निकल पा रहे हैं।
ऐसे में अब जिला प्रशासन द्वारा सडक़ों की मरम्मत की जा रही है और कुछ जगह पर अब वैली ब्रिज भी लगाए जाएंगे। उसके बाद यहां पर फंसे वाहनों के माध्यम से सभी लोग अपने-अपने घरों की ओर निकल आएंगे।
जिला प्रशासन द्वारा राहत कार्य को तेज कर दिया गया है। इसके अलावा श्रीखंड यात्रा पर गए स्थानीय देवता के साथ श्रद्धालु भी अब वापस लौट आए हैं।
श्रद्धालुओं के अनुसार श्रीखंड महादेव के समीप ही यह बादल फटा है और यहीं से ही पूरी तबाही शुरू हुई है। ऐसे में यह रास्ता अब बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते यहां पर यात्रा करना भी काफी मुश्किल है।
स्थानीय निवासी मदन सिंह, रवि शर्मा का कहना है कि बादल फटने के चलते कई लोग अभी भी लापता है और ऊपरी इलाकों में ग्रामीणों के द्वारा श्रीखंड यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को शरण दी गई है। सभी श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं।
डीसी कुल्लू तोरूल एस रवीश ने बताया कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित है और पैदल घर जाने के लिए भी मार्ग की व्यवस्था है, लेकिन श्रद्धालुओं की गाडिय़ां वहीं पर फंसी हुई हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वह सडक़ ठीक होने का इंतजार करेंगे तथा अपनी गाडिय़ों को साथ लेकर ही जाएंगे। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा सडक़ों की मरम्मत का कार्य तेज कर दिया गया है।
“दारचा के पास बादल फटने से दो पुल क्षतिग्रस्त, कुछ भागों में पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट”
लाहौल-स्पीति के दारचा-शिंकुला मार्ग पर दारचा से लगभग 16 किमी दूर बादल फटने से पुराने व नए दोनों पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। फिलहाल शिंकुला दर्रा होकर दारचा से जांस्कर सड़क यातायात के लिए बंद है।
सीमा सड़क संगठन मार्ग को बहाल करने में जुटा है। लेकिन नुकसान अधिक होने से करीब 2-3 दिन का समय लग सकता है। जिला प्रशासन ने लोगों से कहा है कि इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें और दारचा से शिंकुला सड़क का उपयोग तब तक न करें जब तक इसे उपयोग के लिए सुरक्षित घोषित न कर दिया जाए।
एसपी लाहौल-स्पीति मयंक चौधरी ने कहा कि दारचा-शिंकुला मार्ग बंद हो गया है। उधर, समेज, बागीपुल व राजबन में बादल फटने के दो दिन बाद भी 46 लोगों का पता नहीं चल पाया है। रामपुर के समेज में 36 लोग लापता हैं। अब तक सात शव मिल चुके हैं।
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