हिमाचल समाचार – चरमरा रही है कुल्लू अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं, कर्शना लैब में मरीजों को टैस्ट के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार

“क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चरमरा रही स्वास्थ्य सुविधा, कर्शना लैब में मरीजों को टैस्ट के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार”
 
कुल्लू 24 /अगस्त / 2024 (शब्द) नीतू कौशल की रिपोर्ट 
 
कुल्लू जिला मुख्यालय सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा रही है।जबकि दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
 
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने से मेडिकल वार्ड में बिस्तरों की कमी के चलते गैलरी में एक्स्ट्रा बेड लगाकर मरीज का इलाज किया जा रहा है।
 
पिछले एक महीने से डायरिया और स्क्रब टायफस के चलते मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है ऐसे में मरीज गैलरी में इलाज करवाने के लिए 200 रूपये प्रतिदिन बिस्तरों का किराया देने को मजबूर है। 
 
लोगों ने सरकार से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू मेडिकल वार्ड में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है ताकि मरीज को इलाज के लिए उचित सुविधा मिल सके।
 
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात एमडी मेडिसिन डॉक्टर कल्याण ने कहा कि कुल्लू जिला में बरसात के चलते डायरिया और स्क्रब टायफस के इंफेक्शन के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
 
उन्होंने कहा कि लोग खेतों में घास के बीच काम करते हैं जिसके चलते स्क्रब टायफस का इन्फेक्शन होने से बुखार से पीड़ित हो रहे हैं।
 
उन्होंने कहा कि इसके अलावा डायरिया के मरीजों में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल वार्ड में 80 बिस्तरों की सुविधा है, और मरीज के बढ़ने से मरीज का गैलरी में बेड लगाकर भी इलाज किया जा रहा है।
 
तीमारदार झावे राम ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में इलाज करवाने के लिए मरीज को लाए हैं उन्होंने कहा कि यहां पर इलाज करवाने के लिए बिस्तर भी स्टोर वालों से 200 प्रतिदिन किराए पर लेना पड़ रहा है।
 
उन्होंने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य संस्थानों में उचित व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो दवाइयां का खर्चा और दूसरी तरफ बिस्तर के लिए भी खर्च करना पड़ रहा है।
 
उन्होंने कहा कि सरकार को बिस्तरों की संख्या में बढ़ोतरी करनी चाहिए। ऐसे में गरीब लोगों को इलाज करवाने में मुश्किलें हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
 
बंजारा से इलाज करवाने के लिए कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल में एडमिट हुई उमा देवी ने कहा कि पिछले कल इलाज करवाने के लिए अस्पताल  में भर्ती हुई हूं और यहां पर पिछले कल एक मरीज डिस्चार्ज हुआ था।
 
जिसके बाद उन्होंने जो किराए पर बेड लाया था उसको ही हायर किया है। उन्होंने कहा कि कर सेवा दल की तरफ से बिस्तर दिया गया है जिसके लिए 200 सिक्योरिटी ली है।
 
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में सरकार की तरफ से मरीजों के लिए बिस्तरों के भी उचित सुविधा नहीं है ऐसे में सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
 
साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना चाहिए ताकि लोगों को इलाज करवाने के लिए कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
 
तीमारदार बलवंत सिंह ने कहा कि बंजार से अपने मरीज के साथ कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंचे हैं।  उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बिस्तरों की उचित सुविधा नहीं है। 
 
उन्होंने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो व्यवस्था परिवर्तन की बात कह रही है लेकिन दूसरी तरफ स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को इलाज के लिए बिस्तरों की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि गैलरी में इलाज करवाना पड़ रहा है ऐसे में सरकार इसको लेकर उचित व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला का सबसे बड़ा क्षेत्रीय स्थल कुल्लू में बड़े-बड़े भवन सरकार ने बना दिए लेकिन भवन के अंदर मरीज को मिलने वाली उचित सुविधा नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार धरातल पर व्यवस्था परिवर्तन करें ताकि लोगों को समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके।  

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के कर्शना लैब में मरीजों को टैस्ट के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार 

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू कर्शना लैब में मरीज को 5 – 5 घंटे टेस्ट देने के लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।  कुल्लू जिला मुख्यालय सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई है।

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की कर्शना लैब में मरीज़ो को टैस्ट देने के लिए 6-6 घंटो का इंतजार करना पड़ रहा है।

जिसके चलते अधिकतर मरीज़ो को टैस्ट देने के लिए भूखे प्यासे लंबी लंबी कतारों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है।

यही नहीं कर्शना लैब के बाहर सैकड़ो मरीजों को फर्श पर बैठकर टैस्ट देने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में मरीजों की माने तो टेस्ट देने के लिए भूखे पेट कई कई घंटे लाइनों में खड़ा होकर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। 

मरीजो ने सरकार से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्वास्थ्य की अच्छी व्यवस्था की मांग किया। स्थानीय महिला बबली ने कहा कि लैब के बाहर सुबह सैकड़ो लोग टेस्ट करवाने के लिए बैठे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे में यहां पर कह रहे हैं कि सर्वर डाउन है, उन्होंने कहा कि ऐसे में मरीज और तीमारदारों को टेस्ट करवाने के लिए घंटों लाइनों में और फर्श पर बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे हमें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्र से लोग इलाज करवाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पहुंचते हैं।

यहां पर टेस्ट करवाने के लिए आधा-आधा दिन निकल रहा है और ऐसे में लोगों को वापस घर लौटना है कई मरीजों की बसें भी 3 से 4 बजे तक गांव के लिए जाती है।

ऐसे में लोगों को बिना इलाज के ही वापस जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए उचित व्यवस्था करें।

मरीज संजय ने कहा कि सुबह 11:00 बजे लाइन में खड़े होकर टेस्ट करवाने के लिए पहुंचा हूं और तब से लेकर 2 बजे तक मेरा नंबर नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि सैकड़ो मरीज कर्शना लैब के बाहर टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे हैं लेकिन यहां पर उचित व्यवस्था नहीं है।

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में जिला का सबसे बड़ा अस्पताल है जहां पर मरीज़ो को समय पर टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है, और ऐसे में भूखे प्यासे टेस्ट करवाने के लिए खड़े हैं और यहां पर कई घंटे टेस्ट करवाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

जिसके चलते लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।

बंजार से आए रामदेव ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में 3 दिनों से टेस्ट करवाने के लिए कर्शना लैब में पहुंच रहे है, ऐसे में समय पर टेस्ट ना होने के कारण बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2:00 तक 4-4 घंटे लाइनों में खड़े होकर टेस्ट करवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

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