“आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि आईआईटी मंडी कैटालिस्ट हिमाचल प्रदेश में एक हाईटेक स्टार्टअप वैली बनाने के मिशन पर है। हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है”
मंडी 5 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
नई चुनौतियों और अवसरों के साथ आईआईटी मंडी का हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक इस बार फिर करवाया जा रहा है। संस्थान इस कार्यक्रम की मेजबानी करेगा।
पिछले साल की सफलता को देखते हुए इस बार इस कार्यक्रम में 5000 से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में 15 से 17 नवंबर तक कार्यक्रम होगा।
इस बार यह आठवां संस्करण है। इच्छुक प्रतिभागी 30 सितंबर तक इसके लिए आवेदन सकते हैं। विजेता स्टार्टअप को 10 लाख रुपये का अनुदान और 6 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
इसके अतिरिक्त समर्थन और ग्रैंड चैलेंज के फाइनलिस्ट को इनक्यूबेशन सहायता और 50 लाख रुपये तक के वित्तपोषण के अवसर मिलेंगे। बता दें कि एचएसटी एक प्रमुख कार्यक्रम है।
जिसे पूरे भारत से स्टार्टअप, निवेशकों, सलाहकारों और उद्योग जगत के लीडरों को एक साथ लाने के लिए तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम स्टार्टअप्स को ग्रैंड चैलेंज, इन्वेस्टर डेन और स्टार्टअप शोकेस में भाग लेने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है।
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि आईआईटी मंडी कैटालिस्ट हिमाचल प्रदेश में एक हाईटेक स्टार्टअप वैली बनाने के मिशन पर है। हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
यह कार्यक्रम चार विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। मानव-कम्प्यूटर इंटरेक्शन, हिमालय के लिए निर्माण हिमालयी क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों के अनुरूप समाधान। पर्यावरण एवं स्थिरता और जैव-नवप्रवर्तन।
प्रत्येक थीम के लिए 2.5 लाख रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी, जिसे प्रत्येक श्रेणी में शीर्ष तीन स्टार्टअप के बीच वितरित किया जाएगा।
आईआईटी मंडी कैटालिस्ट के इनक्यूबेशन निदेशक और फैकल्टी इंचार्ज डॉ. सतवशील पोवार ने कहा कि एचएसटी 2024 में बहु-हितधारक दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें विभिन्न उद्योग हितधारकों और सरकारी निकायों से समस्या विवरण प्राप्त किए गए हैं।
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