हिमाचल / मंडी – नाबालिग से दुराचार के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास

“नाबालिग से दुराचार का दोष साबित होने पर अदालत ने बीस साल के कठोर कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है”

मंडी 25 / 08 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट 

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने नाबालिग से दुराचार करने का अभियोग साबित होने पर आरोपी को पोक्सो अधिनियम की धारा 6 और 10 के तहत क्रमशः 20 साल और पांच साल के कठोर कारावास और 50 हजार और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे क्रमशः दो साल और छह महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि 24 अगस्त 2023 को पीड़िता की माता ने करसोग पुलिस थाना में आकर शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी पिछले काफी समय से उनके पास रहता था।

पीड़िता की माता 20 अगस्त को अपने पति के साथ अपने बेटे की चिकित्सीय जांच के चलते शिमला गई थी और अपनी बेटी को उसकी दादी के पास छोड़ गई थी।

वह जब 23 अगस्त को शिमला से लौटी तो पीडि़ता ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तहकीकात पूरी होने पर अदालत में अभियोग चलाया था।

अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी नितिन शर्मा ने की। अभियोजन की ओर से मामले को साबित करने के लिए 14 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ नाबालिग से दुराचार करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है।

इस पर अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।