“सोमवार से मरीजों के लिए एक बार फिर चैरिटेबल अस्पताल भोटा खुल जाएगा। जिसको लेकर ब्यास प्रबंधन की तरफ से अस्पताल प्रशासन आदेश जारी किए गए हैं। आदेशानुसार, सिकंदरपुर रवाना किए गए स्टाफ को भी वापस लौटने के आदेश दिए गए हैं। अस्पताल के प्रशासक जितेंद्र जग्गी की ओर से यह जानकारी दी गई है”
हमीरपुर 02 / 12 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को ओक ओवर, शिमला में राधा स्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा से संबंधित भूमि हस्तांतरण के मामले पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई और संशोधन विधेयक का मसौदा तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राधा स्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा को राहत प्रदान करने तथा अस्पताल को कार्यशील रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अस्पताल को कार्यशील रखना चाहती है ताकि आसपास के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धर्मशाला में 18 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेगी। उन्होंने संशोधन विधेयक का मसौदा तुरंत तैयार करने तथा इसे मंत्रिमण्डल की आगामी बैठक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार ने शुरू में संगठन को राहत देने के लिए अध्यादेश लाने पर विचार किया था, लेकिन विधानसभा सत्र के शीघ्र ही आयोजित होने के कारण संशोधन विधेयक पेश करना अधिक व्यवहार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चैरिटेबल अस्पताल भोटा की भूमि से संबंधित मामला करीब एक दशक से अनसुलझा है।
भाजपा के कार्यकाल के दौरान भी वर्ष, 2019 में इस मामले पर चर्चा हुई थी, राधा स्वामी सत्संग ब्यास ने तत्कालीन भाजपा सरकार से राहत की मांग भी की थी। बैठक में विधायक सुरेश कुमार और कमलेश ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, महाधिवक्ता अनूप रतन और विधि सचिव शरद कुमार लगवाल मौजूद थे।
मऊ: 3 किलोमीटर पीछा कर दिनदहाड़े युवक के माथे में मारी गोली, मौत; पल्सर छोड़कर…
यूपी लेखपाल भर्ती: 7,994 पदों के लिए अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया शुरू, 28 हजार से…
आजमगढ़: फूलपुर में गणेश पंडाल से लौट रहे युवकों की कार पेड़ से टकराई, 3…
सऊदी अरब में मिला 11 करोड़ टन यूरेनियम और दुर्लभ खनिजों का भंडार, 'विजन 2030'…
अमेरिका की खुली स्वीकारोक्ति: अंतरिक्ष में तैनात किए घातक हथियार, 'स्पेस वॉर' की आहट से…
दवाओं से परे देखभाल: 'जनऔषधि केंद्रों' पर अब नवजात से लेकर बुजुर्गों तक के लिए…