लखीमपुर खीरी – पुलिस के सामने भाजपा विधायक की हुई पिटाई

“उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक अप्रत्याशित घटना तब हुई, जब बीजेपी विधायक योगेश वर्मा के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट हो गई”

बार संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने दर्जनों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में विधायक को थप्पड़ जड़ दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह घटना तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोगों में काफी चर्चा का विषय बन गई है। 

लखीमपुर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक चुनाव के दौरान हुआ थप्पड़ कांड सोशल मीडिया के जरिये पूरे देश में गूंज रहा है। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों में पिटाई का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। एक्स (ट्विटर) पर भी ट्रेंडिंग में है।

अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति के नामांकन के समय सदर विधायक योगेश वर्मा से मारपीट का वीडियो एक्स (ट्विटर) पर जमकर वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, अर्बन कॉपरेटिव बैंक के चुनाव को लेकर बार संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह और विधायक योगेश वर्मा के बीच पहले कहासुनी हुई थी।

अवधेश सिंह ने विधायक के समर्थकों पर मतदाता सूची फाड़ने का आरोप लगाया था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद ने तूल पकड़ लिया।

इस बीच, पुलिसकर्मियों के सामने ही अवधेश सिंह ने विधायक को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद अर्बन कॉपरेटिव बैंक के सामने जमकर हंगामा हुआ और माहौल गर्मा गया। 

बवाल के बाद शहर में लगा जाम 

अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर हुए बवाल के बाद शहर की यातायात व्यवस्था बदहाल हो गई। सौजन्या चौराहे से डॉन बास्को नहर पटरी के बीच करीब पांच घंटे तक जाम लगा रहा।

सुबह करीब 11 बजे बैंक में बवाल के बाद सौजन्या चौक से खीरी मार्ग तक समर्थकों की भीड़ सड़क पर जमा हो गई। फुटपाथ पर वाहन खड़े कर दिए गए। पुलिस ने भी बैरीकेडिंग की। इस वजह से खीरी मार्ग पर जाम की स्थिति हो गई।

सौजन्या चौक से राजापुर की ओर जाने वाले वाहनों और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंसी। करीब पांच घंटे तक यही स्थिति बनी रही। स्कूलों की छुट्टी के बाद बच्चे भी जाम से जूझते दिखे।

अदावत की पृष्ठ्भूमि है पुरानी 

लखीमपुर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति के सदस्यों के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान सदर विधायक योगेश वर्मा और बैंक की निवर्तमान अध्यक्ष पुष्पा सिंह के पति अवधेश सिंह के बीच बुधवार को हुई घटना भले ही देखने-सुनने वालों को अप्रत्याशित और अचानक हुई लग रही है, पर इसकी पृष्ठभूमि पुरानी है।

दरअसल राजनीति में नफरत की ये आग दोनों गुटों में पिछले डेढ़ साल से अंदर ही अंदर सुलग रही थी, जिसमें ताजा चुनावी गतिविधियों के लेकर बीते कुछ दिनों से चल रहे आरोप-प्रत्यारोप ने घी डालने का काम किया।

डेढ़ साल पहले जब मई 2023 में नगरीय निकायों के चुनाव हुए थे, उस वक्त पुष्पा सिंह भारतीय जनता पार्टी की लखीमपुर नगर पालिका परिषद से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी थीं।

हालांकि जीत उनके सामने मैदान में उतरीं पूर्व अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव की हुई थी। पहले डॉ. इरा भी भाजपा में ही थीं, पर टिकट न मिलने के चलते उन्होंने पार्टी छोड़कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

इस चुनाव में पुष्पा सिंह ने अपनी हार का ठीकरा सदर विधायक योगेश वर्मा पर फोड़ा था। आरोप लगाया था कि सदर विधायक ने उनकी मदद करने के बजाय डॉ. इरा को चुनाव लड़वाया था।

तभी से भाजपा दो धड़ों में बंटने लगी, जिसके बाद लोकसभा चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी की हार को लेकर पुष्पा सिंह ने सदर विधायक पर भितरघात का आरोप लगाया था।

अब जब अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई और पुष्पा सिंह फिर से अध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल हुईं तो दोनों गुटों में तनातनी शुरू हो गई।