महाकुंभ के प्रतीक चिह्न, वेबसाइट और मोबाइल ऐप का हुआ लोकार्पण

“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महाकुंभ-2025 की तैयारियों को लेकर प्रयागराज में समीक्षा बैठक की। सीएम ने महाकुंभ के प्रतीक चिह्न, वेबसाइट और मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी किया”
 
प्रयागराज 07 / 10 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट 
 
इस दौरान उन्होंने साधु-संतों के भी सुझावों को सुना और अफसरों को निर्देश दिया। सीएम ने महाकुंभ से जुड़ी तैयारियों के लिए डेडलाइन तय करते हुए निर्देश दिया कि 10 दिसंबर तक सारे काम पूरे कर लिए जाएं।
 
सीएम योगी ने अखाड़ा परिषद के साधु संतों के साथ कुंभ के कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2019 में कुंभ का सफल आयोजन कर यूपी ने मानक स्थापित किया है, इसलिए इस बार लोगों की अपेक्षाएं हमसे और अधिक है। इस बार 4000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में इसका विस्तार होगा।
 
उन्होंने कहा कि महाकुंभ विश्व को सनातन भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का मानक भी होगा। 
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुम्भ-2025 में दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्मार्ट प्रयागराज के भव्य स्वरूप का साक्षात्कार होगा।
 
पूरी दुनिया से सनातन समाज महाकुम्भ में आने को उत्सुक है। पर्यटकों में भी इसे लेकर बड़ा आकर्षण है। ऐसे में हर आगन्तुक को प्रयागराज में अच्छी सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
 
मुख्यमंत्री रविवार को प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के दृष्टिगत निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय मानकों के अनुरूप पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
 
उन्होंने कहा कि महाकुम्भ-2025 में दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उत्कृष्ट सुरक्षा और विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रयागराज में अनेक निर्माण कार्य चल रहे हैं।
 
निर्माण कार्यों के दौरान प्रयागराज के स्थानीय निवासियों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रयागराजवासियों ने जिस तरह कुम्भ-2019 में पूरी दुनिया से आये पच्चीस करोड़ श्रद्धालुओं, पर्यटकों के लिए आतिथ्य का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया था, उसी प्रकार इस बार भी व्यवस्था बनाने में हर नगरवासी का सहयोग प्राप्त होगा।
 
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सबसे पहले मोटरबोट से संगम नोज पहुंचकर माँ गंगा, यमुना व सरस्वती के पावन संगम स्थल का दर्शन-पूजन किया।
 
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संगम के विशाल स्नान क्षेत्र का अवलोकन किया। उन्होंने पवित्र अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन किये।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार भी अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन का पुण्य लाभ सुगमता से प्राप्त हो, इसके लिए यहां अच्छे प्रबन्ध होने चाहिए तथा किले के अन्दर विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाए।
 
मुख्यमंत्री ने संगम तट स्थित लेटे हनुमान के भी दर्शन किये और महाकुम्भ-2025 के सफल आयोजन के लिए प्रार्थना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने भारद्वाज आश्रम के विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
 
उन्होंने आई0ई0आर0टी0 सेतु का निरीक्षण किया और महाकुम्भ के दृष्टिगत सेतु निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आदि वेणीमाधव मन्दिर का दर्शन-पूजन किया।
 
साथ ही, लेप्रोसी रोड चौराहा से नैनी रेलवे स्टेशन रोड तक तथा छिवकीं रेलवे स्टेशन रोड का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट की और महाकुम्भ-2025 की तैयारियों से अवगत कराया।
 
मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य जी से कहा कि राज्य सरकार, पूज्य संतगण की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए सभी आवश्यक प्रबन्ध कर रही है।
 
महाकुम्भ-2025, कुम्भ-2019 से भी अधिक दिव्य और भव्य होगा। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में समय.समय पर पूज्य संतगण का मार्गदर्शन भी अपेक्षित है। 

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