मटरू बिन्द मौत – मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी से मांगी जांच रिपोर्ट
“शाहगंज कोतवाली में मटरू बिंद की पुलिस अभिरक्षा में मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी जौनपुर से जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने जांच पूरी करने की समय सीमा 20 नवंबर 2024 तय की है”
जौनपुर 25 / 10 / 2024 मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील डॉ. गजेंद्र सिंह यादव द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें उन्होंने मटरू बिंद की हिरासत में मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
घटना शनिवार की सुबह शाहगंज कोतवाली के शौचालय में हुई थी, जहां पुलिस का दावा है कि मटरू बिंद ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है।
मटरू बिंद, जो बड़ौना गांव के निवासी थे। उनको पुलिस ने उचक्कागिरी के आरोप में शुक्रवार को हिरासत में लिया था। घटना के दिन वह पुलिस हिरासत में था।
पुलिस के अनुसार, वह सुबह शौचालय गए और काफी समय तक बाहर नहीं निकले। जब देखा गया तो वह फंदे से लटक रहे थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शुरुआत में घटना को छिपाने की कोशिश की। थाना प्रभारी ने इस बात को टालने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों और अधिवक्ता द्वारा उठाए गए सवालों के बाद यह मामला संदिग्ध बन गया।
डॉ.गजेंद्र सिंह यादव ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।











