बांग्लादेश – 27 जिलों में हिंदुओं के घरों और मंदिरों को बनाया निशाना, राज्यसभा में बांग्लादेश हिंसा पर बोले जयशंकर

“हिंसा और आगजनी के बीच अब उपद्रवियों ने अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। भीड़ चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बना रही है। घरों में आग लगाई जा रही है। दुकानों को लूटा जा रहा है”

New Delhi 06/08/2024 (Agency)

27 जिलों में हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया है। लोगों का कहना है कि ऐसा कोई इलाका या जिला नहीं बचा है, जहां सांप्रदायिक हमले न हुए हों। घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमलों के बारे में देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार खबरें मिल रही हैं। 

बांग्लादेश में हिंसा का दौर अभी भी जारी है। भीषण आगजनी के बीच हालात बेहद खराब हो गए हैं। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं।

वहीं, हालात इतने बदतर हो गए है कि देश में हिंदुओं के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। भीड़ ने यहां के कम से कम 27 जिलों में हिंदुओं के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमला किया और उनके कीमती सामान भी लूट लिए।

वहीं, देशभर में कम से कम चार मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई है। बांग्लादेश की द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने कल शाम तेलीपारा गांव में लालमोनिरहाट पूजा उद्यापन परिषद के सचिव प्रदीप चंद्र रॉय के घर में तोड़फोड़ की और लूटपाट की।

इतना ही नहीं, पूजा उद्यापन परिषद के नगर पालिका सदस्य मुहिन रॉय के स्वामित्व वाली एक कंप्यूटर की दुकान में भी तोड़फोड़ की और लूटपाट की। इसके अलावा, जिले के कालीगंज उपजिले के चंद्रपुर गांव में चार हिंदू परिवारों के घरों में लूटपाट की गई।

भयावह का अंदाजा इस बात का लगा सकते हैं कि हाटीबंधा उपजिला के पुरबो सरदुबी गांव में कल रात 12 हिंदू घरों को जला दिया गया। वहीं, सदर उपजिला में कई हिंदू घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई।

जब पत्रकारों ने ओइक्या परिषद के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव मोनिंद्र कुमार नाथ से बात की, तो उनका दुख छलक आया। नाथ ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे अपने समुदाय पर इस तरह के हमले देखेंगे।

उन्होंने कहा, ‘ऐसा कोई इलाका या जिला नहीं बचा है, जहां सांप्रदायिक हमले न हुए हों। हमें घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमलों के बारे में देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार खबरें मिल रही हैं।

लोग रो रहे हैं, कह रहे हैं कि उन्हें पीटा जा रहा है और उनके घरों और व्यवसायों को लूटा जा रहा है। हमारी क्या गलती है? क्या यह हमारी गलती है कि हम देश के नागरिक हैं?’

मोनिंद्र कुमार नाथ ने इस बात का उल्लेख किया कि देश में हिंदुओं को और अधिक हमलों का डर है। उन्होंने पूछा कि अगर इस तरह के हमले यहां जारी रहे तो हम कहां जाएंगे? हम हिंदू समुदाय के सदस्यों को कैसे सांत्वना देंगे?

उपद्रवियों ने चार मंदिरों में की तोड़फोड़

बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को ढाका में इंडिया कल्चर सेंटर पर हमला बोला। साथ ही काली व इस्कॉन समेत देशभर में कम से कम चार मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई है।

हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के नेता काजोल देबनाथ कहते हैं कि जैसे ही देशभर में शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने की खबर फैली है, जगह- जगह हिंदू मंदिरों पर हमले होने लगे हैं। हिंदुओं सहित तमाम अल्पसंख्यक समुदाय के लोग डरे हुए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने बताया क ढाका के धानमंडी इलाके में स्थित इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र पर भीड़ ने हमला कर उसे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है।

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर आग लगाई है। इनमें धनमंडी स्थित बंगबंधु भवन, जिसे बंगबंधु स्मारक संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, भी शामिल है। 

कम से कम 10 हिंदू घरों को बनाया निशाना

दिनाजपुर शहर और अन्य उपजिलों में कम से कम 10 हिंदू घरों को निशाना बनाया गया है। हमलावरों ने शहर के रेलबाजारहाट में एक मंदिर में तोड़फोड़ करने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने हंगामा कर रोक दिया। 

इन जगहों पर भी हमले

सूत्रों ने कहा कि बाराबंदर क्षेत्र के स्वर्गीय कोलाश चंद्र रॉय, बाराबंदर की नित्या गोपाल, गुंजाबारी क्षेत्र के बुनू बिस्वास और दिनाजपुर में बिराल उपजिला के रोमा कांत रॉय के घर पर हमला हुआ।

बांग्लादेश हिंदू-बुद्ध ईसाई ओइक्या परिषद के महासचिव उत्तम कुमार रॉय ने कहा कि खानसामा उपजिले में तीन हिंदू घरों पर हमला किया गया।

वहीं, लक्ष्मीपुर में ओइक्या परिषद के सहायक संगठन सचिव गौतम मजूमदार ने बताया कि 200-300 से अधिक हमलावरों ने शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी दो मंजिला इमारत में आग लगा दी।

‘अल्पसंख्यकों को बनाया जा रहा निशाना’, राज्यसभा में बांग्लादेश हिंसा पर बोले जयशंकर

मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बांग्लादेश हिंसा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।

विदेश मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में जुलाई से हिंसा जारी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी वहां हिंसा जारी है। भारत सरकार बांग्लादेश के अधिकारियों के संपर्क में हैं। वहां, पुलिस के ऊपर भी हमले किए जा रहे हैं। 

उन्होंने यह भी बताया कि शेख हसीना ने भारत आने का अनुरोध किया था। उन्होंने आगे कहा कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बांग्लादेश की स्थिति पर कहा, ‘पांच अगस्त को कर्फ्यू के बावजूद ढाका में प्रदर्शनकारी जमा हो गए। हमारी समझ यह है कि सुरक्षा प्रतिष्ठान के नेताओं के साथ बैठक के बाद, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने स्पष्ट रूप से इस्तीफा देने का फैसला लिया।

बहुत कम समय में, उन्होंने भारत आने के लिए मंजूरी का अनुरोध किया। साथ ही हमें बांग्लादेश के अधिकारियों से उड़ान मंजूरी के लिए अनुरोध प्राप्त हुआ। वह कल शाम दिल्ली पहुंचीं।

‘उन्होंने आगे कहा, ‘हम अपने राजनयिक मिशनों के माध्यम से बांग्लादेश में भारतीय समुदाय के साथ निकट और निरंतर संपर्क में हैं।

वहां एक अनुमान के अनुसार 19 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें से करीब नौ हजार छात्र हैं। बड़ी संख्या में छात्र जुलाई में वापस आ गए थे। हम अल्पसंख्यकों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।’

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