“गंगा और यमुना का जलस्तर शुक्रवार से अचानक बढ़ना शुरू हुआ तो शनिवार तक मुसीबत बन गया। दो दिनों में गंगा का जलस्तर 4.51 मीटर तक पहुंच गया है। गंगा का पानी संगम क्षेत्र में बांध के नीचे तक आ गया है। इसे देखने के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही”
प्रयागराज 16 / 09 / 2024 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
रविवार को भी जलस्तर में वृद्धि जारी रहा। गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। तटवर्ती कई मुहल्ले जलमग्न हो गए हैं। कई परिवारों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।
इस हफ्ते हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हुई तो गंगा और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया।
शुक्रवार सुबह फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.58 मीटर था, छतनाग में 78.10 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 79.35 मीटर था। शनिवार को गंगा उफान पर आ गई। इससे संगम क्षेत्र डूब गया।
किला की दीवार से होते हुए बांध के नीचे पानी भर गया। रात आठ बजे तक छतनाग में गंगा का जलस्तर 4.51 मीटर बढ़कर 82.61 मीटर हो गया है।
इसके बाद यमुना में तेजी से पानी बढ़ा। इसकी सहायक नदियां चंबल, केन और बेतवा भी उफान पर हैं। कई जिलों से होते हुए प्रयागराज में पानी पहुंचा तो वह बाढ़ का रूप ले लिया।
यमुना के सापेक्ष शुक्रवार को गंगा का पानी धीमी गति से बढ़ा। यमुना का वेग इतना तेज था कि रात तक लेटे हनुमानजी डूब गए।सुबह तक मंदिर परिसर में कमर तक पानी भर गया।
फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 3.34 मीटर बढ़कर 82.92 मीटर हो गया है। वहीं, नैनी में यमुना का जलस्तर 3.69 मीटर बढ़कर 83.03 मीटर हो गया है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला ने बताया कि यमुना धीमी हुई है और गंगा बढ़ रही है। रविवार के बाद पानी कम होने की संभावना है।
खतरे के निशान से करीब एक मीटर दूर
गंगा-यमुना का जलस्तर लगातार खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग का बाढ़ खंड इसकी निगरानी कर रहा है। यहां खतरे का निशान 84.73 मीटर है।
जिस गति से गंगा-यमुना का जलस्तर दो दिन में बढ़ा है, अगर वही गति कायम रही तो तटीय मोहल्लों के घरों में पानी भर जाएगा।
जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की बुलेटिन के अनुसार रविवार को दोपहर 12 बजे की गई निगरानी के अनुसार फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है। यहां पर जलस्तर 83.88 मीटर पर बह रही हैं, जो खतरे के निशान से कुछ ही नीचे है।
इसी तरह छतनाक में गंगा जलस्तर 83.09 मीटर है और लगातार वृद्धि जारी है। इसी तरह नैनी में यमुना का चलस्तर 83.71 मीटर है और लगातार वृद्धि जारी है। गंगा और यमुना करीब 10 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही हैं। खतरे का निशान 84.734 मीटर है।
बाढ़ नियंत्रण इकाई की बुलेटिन के अनुसार गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। बाढ़ का पानी लगातार बस्तियों में बढ़ता जा रहा है। इससे लोगों में खलबली मच गई है।
रविवार दोपहर 12 बजे तक की बुलेटिन के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 83.88 मीटर, छतनाग में 83.09 पर है। बढ़ोत्तरी लगातार जारी है। गंगा करीब दस सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही हैं।
इसी तरह यमुना का जलस्तर नैनी में 83.71 मीटर रिकॉर्ड किया गया। चार घंटे में दस सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। डेंजर लेबर 84.734 मीटर है। रविवार शाम चार बजे तक की बुलेटिन के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 83.92 मीटर, छतनाग में 83.14 पर है। बढ़ोत्तरी लगातार जारी है।
गंगा करीब दस सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही हैं। इसी तरह यमुना का जलस्तर नैनी में 83.78 मीटर रिकॉर्ड किया गया। चार घंटे में दस सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। डेंजर लेबल 84.734 मीटर है।
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