जौनपुर – साढ़े चार करोड़ रुपये के घोटाले मामले में मुख्य राजस्व अधिकारी निलंबित
“मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) गणेश प्रसाद सिंह की देखरेख में ही साढ़े चार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। इसकी पुष्टि शासन स्तर से हुई कार्रवाई से हो गई है। पता चला है कि 14 ग्राम पंचायतों के 46 काश्तकारों को फर्जी तरीके से मुआवजा दिया गया था। इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज है”
जौनपुर 12 / 10 / 2024 वरुण यादव की रिपोर्ट
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान में फर्जीवाड़े की सूचना पर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति कार्यालय पहुंचे। पहले ही दिन उन्होंने कार्यालय से चार फर्जी अभिलेख प्राप्त किए। इससे पता चला कि ढाई करोड़ का फर्जी भुगतान किया गया था।
इसके बाद सीडीओ साईं तेजा सीलम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित हुई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ईशिता किशोर और एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव को जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया।
टीम ने सदर, मड़ियाहूं, मछलीशहर, बदलापुर में चल रहे भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की जांच की और पाया कि 14 ग्राम पंचायतों के 46 काश्तकारों को साढ़े चार करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया गया था।
प्रशासन का दावा है कि जांच के दौरान बदलापुर के कुछ काश्तकारों के 50 लाख का भुगतान रोक दिया गया था। जिलाधिकारी ने मामले में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए सीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। अब शासन ने घोटाले के आरोप में सीआरओ को निलंबित कर दिया है।
मड़ियाहू तहसील के 12 काश्तकाराें को 1.87 करोड़, बदलापुर तहसील के 28 काश्तकारों को 2.2 करोड़, मछलीशहर के तीन काश्तकारों को 56 लाख, सदर तहसील के तीन काश्तकारों को 84 लाख का भुगतान किया गया।
बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के पूरामुकुद गांव निवासी राहुल सिंह शिक्षा विभाग में अनुदेशक है। पहले वह एनएच कार्यालय आता था। वह बदलापुर के मिरशादपुर निवासी अपने साथी प्रीतम उर्फ मुलायम के साथ काश्तकारों से डील करता था।
भुगतान के लिए कार्यालय प्रभारी (कानूनगो) संतोष तिवारी, अमीन अनिल यादव, ऑपरेटर हिमांशु से मिलकर फर्जी तरीके से फाइल तैयार करते थे। राहुल और प्रीतम ने ही 20 काश्तकारों के नए खाते खुलवाए।
खाता खुलवाने के बाद दोनों काश्तकारों से ब्लैंक चेक ले लेते थे। पैसा ट्रांसफर करने बाद उसी दिन चेक लेकर दोनों बैंक के बाहर काश्तकार से रुपये लेने के लिए खड़े रहते थे, जिसमें 30 से 50 फीसदी तक यह तुरंत ले लेते थे।











