चक्रवात ‘अर्णब’ का अलर्ट, ओडिशा-आंध्र में भारी बारिश की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में गहराया ‘अर्णब’ का खतरा: ओडिशा-आंध्र तटों पर भारी बारिश का अलर्ट, 4 जिलों में स्कूल बंद”
भुवनेश्वर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसमी सिस्टम अब एक बड़े खतरे का रूप लेता जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन जल्द ही एक गहरे डिप्रेशन (Deep Depression) में तब्दील होने वाला है।
इसके असर से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है, जिसे देखते हुए ओडिशा सरकार ने 4 जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए हैं।
चक्रवात ‘अर्णब’: बांग्लादेश ने दिया है यह नाम
उत्तरी हिंद महासागर में बनने वाले इस अगले चक्रवाती सिस्टम का नाम ‘अर्णब’ (Arnab) तय किया गया है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और IMD द्वारा प्रबंधित क्षेत्रीय उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की सूची के अनुसार यह नाम बांग्लादेश द्वारा दिया गया है, जिसका बंगाली भाषा में अर्थ ‘सागर’ (समुद्र) होता है।
सिस्टम की वर्तमान स्थिति और ट्रैकिंग
मौसम विभाग द्वारा 22 सितंबर 2026 (सोमवार) को जारी अपडेट के अनुसार, यह डिप्रेशन 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।
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वर्तमान लोकेशन: यह सिस्टम फिलहाल ओडिशा के गोपालपुर से 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, और आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व व विशाखापत्तनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित है।
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लैंडफॉल का अनुमान: IMD के मुताबिक, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 12 घंटों में एक ‘डीप डिप्रेशन’ में बदलने की पूरी संभावना है।
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यह सिस्टम 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा।
ओडिशा में बाढ़ का अलर्ट और प्रशासन की तैयारी
आगामी खतरे को भांपते हुए ओडिशा राज्य प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। IMD के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने राज्य के 4 प्रभावित जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों) को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।
राहत और बचाव दल संभावित तटीय क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं।











