Opposition leaders Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav, and Abhishek Banerjee demanding a Supreme Court-monitored probe into the Election Commission's voter list revision

राहुल, अखिलेश और TMC का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

‘वोटों की चोरी’ और ‘देशद्रोह’: राहुल, अखिलेश और TMC का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) को लेकर विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।

 

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एकजुट होकर चुनाव आयोग पर सत्ता पक्ष की कठपुतली बनने, बड़े पैमाने पर वोट काटने और लोकतंत्र को खत्म करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।

राहुल गांधी और कांग्रेस: ‘चुनाव आयोग ने किया देशद्रोह’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो साझा करते हुए वोटर लिस्ट संशोधन की प्रक्रिया को सीधे तौर पर “वोट की चोरी” करार दिया।

उन्होंने लिखा, “भारत में वोट की चोरी देश के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और संविधान पर सीधा हमला है।

बीजेपी, आरएसएस और चुनाव आयोग, जिन्होंने इसे अंजाम दिया है, उन्होंने देशद्रोह किया है। न्याय जरूर होगा।”

इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि 3 सदस्यीय चुनाव आयोग में केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ही चलती है।

पार्टी का दावा है कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर एक ‘तानाशाह’ की तरह काम कर रहे हैं और मोदी को खुश करने के लिए ‘वोट चोरी’ में लगे हैं।

कांग्रेस ने चेतावनी दी कि समय आने पर इस संवैधानिक अपराध के लिए जवाबदेही तय की जाएगी और सजा मिलेगी।

अखिलेश यादव: ‘सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान ले’

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हालिया मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए स्थिति को लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया।

उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के सदस्य फैसले लेने के लिए आजाद नहीं हैं और उनकी आपत्तियों को अनसुना किया जा रहा है, तो इसका सीधा मतलब है कि चुनाव आयुक्त अपनी सही जिम्मेदारियां नहीं निभा पा रहे हैं।

अखिलेश ने इसे सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश बताया और देश की सर्वोच्च अदालत से अपील की कि वह इस गंभीर संवैधानिक संकट का स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) ले।

TMC: CEC को तुरंत हटाया जाए, अदालत करे निगरानी

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में और आक्रामक रुख अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की।

बनर्जी ने कहा कि केवल एक राजनीतिक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए लाखों वोटरों को उनके अधिकार से वंचित करना लोकतंत्र की नींव पर सीधा प्रहार है।

उन्होंने याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद भी INDIA गठबंधन ने चीफ जस्टिस (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के जजों को पत्र लिखकर इन गड़बड़ियों पर चिंता जताई थी, लेकिन कोई जांच नहीं हुई।

बनर्जी ने सवाल उठाया कि जब लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर इतने गंभीर संकट के बादल हैं, तो क्या CJI की अध्यक्षता वाली बेंच कोई ठोस कदम उठाएगी या मूकदर्शक बनी रहेगी।

चुनाव आयोग ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए वोटर लिस्ट संशोधन की प्रक्रिया का बचाव किया है, लेकिन इस मुद्दे ने देश के राजनीतिक और संवैधानिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।