हिमाचल समाचार – मंडी का राजबन बना शमशान, पलायन चाहते हैं ग्रामीण, लेकिन जाएं कहां, नहीं सूझ रहा कोई रास्ता

“राजबन गांव में बादल फटने की घटना के बाद यहां नहीं रहना चाहते अधिकतर परिवार, सरकार से सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करवाने की लगा रहे हैं गुहार “
 
मंडी 20 / 08 / 2024 (शब्द) नीतू कौशल की रिपोर्ट 
 
मंडी जिला के पधर उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत धमच्याण का राजबन गांव बादल फटने की घटना के बाद डेंजर जोन में आ गया है।
 
31 जुलाई की रात को बादल फटने से यहां तीन घर इसकी चपेट में आए थे, जिस कारण 9 लोगों की मौत हो गई थी, दो घायल हुए थे और एक अभी तक लापता है।
 
गांव के लोगों ने तबाही का जो मंजर देखा उसके बाद यहां किसी की भी रहने की हिम्मत नहीं हो रही है। लोग मजबूरी और डर के साये में यहां रह रहे हैं।
 
श्याम लाल, नरेश कुमार, जीत सिंह और साजू राम ने बताया कि गांव अब एक तरह से शमशान प्रतीत हो रहा है। प्राकृतिक आपदा ने जो कहर बरपाया उसके बाद यहां रहने में डर लग रहा है।
 
इन्होंने सरकार से इन्हें सुरक्षित स्थानों पर जमीन दिलाने की मांग उठाई है। इसके साथ ही अधिकतर लोग ऐसे हैं जिनकी जमीनें यहां से करीब 3 किमी आगे तेरंग गांव में भी हैं।
 
लेकिन उस गांव तक सड़क सुविधा नहीं है जिस कारण वहां घर बना पाना संभव नहीं है। इन लोगों ने सरकार से तेरंग गांव तक जल्द से जल्द सड़क सुविधा पहुंचाने का गुहार लगाई है ताकि ये सभी वहां पर जाकर बिना किसी भय के अपना जीवन यापन कर सकें।
 
बीते दिनों लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी इस गांव का दौरा किया था और ग्रामीणों व प्रभावितों को सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था।
 
विक्रमादित्य सिंह ने ग्रामीणों की सड़क की मांग और उन्हें जमीन दिलाने की बात पर हामी भरते हुए इस विषय को सरकार और जिला प्रशासन के माध्यम से जल्द से जल्द उठाने का आश्वासन दिया है।
 

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