वाराणसी-पूर्वांचल राउंडअप टॉप न्यूज़ : 11 सितम्बर 2026
वाराणसी और पूर्वांचल बुलेटिन: हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं ठप, जौनपुर गोलीकांड में दबिश तेज, गंगा के जलस्तर पर अलर्ट”
वाराणसी : वरिष्ठ पत्रकार दीपू की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
पूर्वांचल की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी और आसपास के जनपदों में आज प्रशासनिक, आर्थिक और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। जनसरोकार और राजनीतिक हलचलों पर एक नजर:
1. वाराणसी: 400 बैंक शाखाओं में ताले, 3,000 कर्मचारी हड़ताल पर
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर वाराणसी में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला।
-
जिले की करीब 400 बैंक शाखाओं के लगभग 3,000 कर्मचारी और अधिकारी काम छोड़कर हड़ताल में शामिल हुए।
-
नगद लेनदेन, ड्राफ्ट और करोड़ों रुपये की चेक क्लीयरेंस पूरी तरह बाधित रही।
-
कर्मचारियों की मुख्य मांग सप्ताह में 5-दिवसीय बैंकिंग लागू करने, पीएलआई विसंगतियों को दूर करने और पेंशन मामलों के स्थायी समाधान की है।
2. जौनपुर: करंजाकला गोलीकांड में घायल वाराणसी रेफर, पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के करंजाकला बाजार में ईंट-भट्ठा कारोबारी विपिन यादव पर थार और स्कॉर्पियो सवार बदमाशों द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
-
गंभीर रूप से घायल विपिन यादव का इलाज वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में जारी है।
-
पुलिस पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई को केंद्र में रखकर जांच कर रही है।
-
हमलावरों के भागने के संभावित रास्तों—मल्हनी और जौनपुर शहर की ओर—लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर तीन विशेष टीमें दबिश दे रही हैं।
3. पूर्वांचल में मौसम और गंगा के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
बिहार और नेपाल के तटीय इलाकों में बाढ़ के दबाव के बीच वाराणसी और गाजीपुर में गंगा के जलस्तर पर केंद्रीय जल आयोग और जिला प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
-
निचले इलाकों और घाटों के संपर्क मार्गों पर जल पुलिस और एनडीआरएफ को सतर्क रखा गया है।
-
अगले 48 घंटों में पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के पूर्वानुमान के बाद ग्रामीण इलाकों में जलनिकासी और संक्रामक रोगों से बचाव के निर्देश दिए गए हैं।
4. 2027 चुनाव की बिसात: पूर्वांचल में सियासी दलों की हलचल तेज
आंगनवाड़ी मानदेय बढ़ोतरी और महिला सशक्तिकरण की हालिया सरकारी घोषणाओं के बाद पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने जहां कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू किया है, वहीं सत्ता पक्ष अपने कल्याणकारी कदमों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए जमीन मजबूत करने में जुटा है।











