‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ की राह पर यूपी: सीएम युवा उद्यमी योजना में जौनपुर ने गाड़े झंडे, पूरे प्रदेश में आया प्रथम; 24 को सीएम योगी करेंगे डीएम को सम्मानित
“उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को प्रदेश के युवा और अधिकारी मिलकर साकार कर रहे हैं”
जौनपुर/लखनऊ | The Politics Again ब्यूरो दिनांक: 23 जनवरी, 2026 (शुक्रवार)
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना’ युवाओं की पहली पसंद बन गई है।
इस योजना के क्रियान्वयन में जौनपुर (Jaunpur) जनपद ने पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इस शानदार उपलब्धि के लिए 24 जनवरी (शनिवार) को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।
युवाओं की पहली पसंद बनी योजना: 3.5 लाख आवेदन
योगी सरकार की यह योजना युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो योजना की लोकप्रियता साफ दिखाई देती है:
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लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शासन ने 1.50 लाख लोन वितरण का लक्ष्य रखा था।
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आवेदन: अब तक प्रदेश भर से 3,34,337 (साढ़े तीन लाख से अधिक) युवा आवेदन कर चुके हैं।
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स्वीकृति: बैंकों ने अब तक 1,06,772 आवेदनों को मंजूरी दे दी है और 1,03,353 युवाओं को लोन मिल भी चुका है।
जौनपुर का ‘स्ट्राइक रेट’ 132%: लक्ष्य से कहीं आगे
योजना का शत-प्रतिशत लाभ देने में जौनपुर पिछले कई महीनों से नंबर वन बना हुआ है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि जिले में विशेष अभियान चलाकर बैंकों के माध्यम से युवाओं को लोन दिलाया गया।
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लक्ष्य: जौनपुर को 2,500 युवाओं को लोन देने का लक्ष्य मिला था।
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उपलब्धि: प्रशासन ने 3,315 युवाओं को लोन वितरित करा दिया है।
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प्रतिशत: जौनपुर ने लक्ष्य का 132.60% हासिल किया है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।
डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा, “यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के सपनों और कड़ी मेहनत का सम्मान है जिन्होंने स्वरोजगार की राह चुनी है।”
टॉप-3 में कौन से जिले?
प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में:
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प्रथम: जौनपुर
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द्वितीय: आजमगढ़
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तृतीय: हरदोई
The Politics Again का नज़रिया:
जौनपुर जैसे पूर्वांचल के जिले का इस सूची में शीर्ष पर होना यह दर्शाता है कि वहां का युवा अब पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर उद्यमिता (Entrepreneurship) की ओर बढ़ रहा है।
यह बदलाव न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि पलायन रोकने में भी गेम-चेंजर साबित होगा।











