West Asia Briefing

पश्चिम एशिया संकट: ईंधन आपूर्ति सामान्य, सभी भारतीय सुरक्षित

‘ पश्चिम एशिया संकट पर बड़ी खबर: ईंधन की कोई कमी नहीं, सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित, विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने दी अद्यतन जानकारी… ‘The Politics Again’ पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट…

नई दिल्ली | संतोष सेठ की रिपोर्ट  

पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों और बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर, भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है।

राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय, और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन, और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मोर्चों पर सरकार पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है। नागरिकों को अफवाहों से बचने और घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।

ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति:

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित बंद होने के मद्देनजर ईंधन आपूर्ति परिदृश्य पर अद्यतन जानकारी दी।

मंत्रालय के अनुसार, सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

भारत में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त उत्पादन है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आयात की आवश्यकता नहीं है।

खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी का कोई मामला सामने नहीं आया है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।

सरकार ने नागरिकों को घबराकर खरीदारी (Panic Buying) न करने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सरकार स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क का विस्तार कर रही है और व्यवसायों को कमर्शियल एलपीजी से पीएनजी (पेट्रोलियम-आधारित गैस) पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

राज्यों को इस विस्तार में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त एलपीजी आवंटन के रूप में प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

एलपीजी आपूर्ति की भी लगातार निगरानी की जा रही है और वितरण केंद्रों पर किसी भी अभाव की शिकायत नहीं है।

ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वितरण प्रमाणीकरण कोड का कवरेज बढ़ा है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई जारी है। नियंत्रण कक्ष और जिला स्तरीय निगरानी समितियां स्थापित की गई हैं।

समुद्री सुरक्षा और शिपिंग संचालन:

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी में मौजूदा समुद्री स्थिति और भारतीय जहाजों व चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों की जानकारी दी।

क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी समुद्री दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है।

वर्तमान में, पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 611 भारतीय नाविकों के साथ 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, और जहाजरानी महानिदेशालय लगातार निगरानी कर रहा है।

एलपीजी वाहक पोत शिवालिक और नंदा देवी वर्तमान में माल उतार रहे हैं। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है और अब तक 472 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता कर चुका है।

भारत का समुद्री क्षेत्र सुचारू रूप से चल रहा है और बंदरगाहों पर भीड़भाड़ की कोई रिपोर्ट नहीं है। बंदरगाह अतिरिक्त क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।

क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा:

विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है। भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से बात की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली पर सहमति व्यक्त की।

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ईरान में भारतीय छात्रों की निरंतर सहायता कर रहा है, जिनमें वे छात्र भी शामिल हैं जो अजरबैजान में भूमि सीमा पार करना चाहते हैं।

विदेश मंत्रालय का एक समर्पित नियंत्रण कक्ष और पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ घनिष्ठ संपर्क में रहते हैं और नाविकों, फंसे हुए भारतीयों और अल्पकालिक आगंतुकों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।

भारतीय छात्रों के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कई बोर्ड परीक्षाएं (CBSE, ICSE, Kerala) रद्द कर दी गई हैं और अंक निर्धारित करने के लिए एक सूत्र की घोषणा की जाएगी।

28 फरवरी 2026 से अब तक लगभग 2,60,000 यात्री भारत लौट चुके हैं। हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के बावजूद, सऊदी अरब और ओमान के माध्यम से पारगमन की सुविधा के साथ उड़ानों के परिचालन में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

सरकार ने जोर दिया कि वह सतर्क है और संबंधित मंत्रालयों, एजेंसियों और सरकारों के बीच घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए है ताकि राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके।

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