मड़ियाहूं चेयरमैन के जाति प्रमाण पत्र की होगी जांच, विजिलेंस टीम गठित
“मड़ियाहूं नगर पंचायत की अध्यक्ष रुखसाना फारुकी के कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर नगर पंचायत मड़ियाहूं एक बार फिर सुर्खियों में है। जाति प्रमाण पत्र पर विवाद होने के बाद अब इस मामले की जांच के लिए विजिलेंस की टीम गठित की गई है”
जौनपुर/मड़ियाहूं 30 / 09 / 2024 विजय जायसवाल की रिपोर्ट
आरोप है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी कर नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीती हैं। इसकी शिकायत भंडरिया टोला मड़ियाहूं निवासी छोटेलाल गुप्त ने शासन स्तर पर की।
जांच निदेशालय पिछड़ा कल्याण की ओर से गठित विजिलेंस टीम सतर्कता प्रकोष्ठ से कराई जा रही है। 2017 से 2022 में नगर पंचायत मड़ियाहूं के नगरीय निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग समूह में पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र तमकुहीराज जिला कुशीनगर से बनवाकर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव भी लड़ी और दोनों चुनाव जीतीं भी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मड़ियाहूं के पिछड़ा समाज का हक छीना गया है। पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय हुआ है, इस बाबत जांच अधिकारी सतर्कता प्रकोष्ठ निदेशालय पिछड़ा वर्ग कल्याण वेद प्रकाश ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाली तहसील व शिकायतकर्ता व अध्यक्ष को नोटिस जारी कर उनका पक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक अक्तूबर को सतर्कता प्रकोष्ठ निदेशालय पिछड़ा वर्ग कल्याण लखनऊ में उपस्थित होने को कहा गया है। दोनों को साक्ष्य पेश करने को कहा गया है। शिकायतकर्ता के पत्र की पहली प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।
“मामले को पहले भी जिला स्क्रूटनी कमेटी ने खारिज कर दिया। पूर्व में सिविल कोर्ट में विनोद जायसवाल व विनोद सेठ भी गए थे, उनके आरोपों को खारिज कर दिया गया। यह आरोप भी निराधार है” – रुखसाना फारुकी, चेयरमैन











