बिहार में मचेगी बाढ़ की तबाही! आज की रात सूबे के दस जिलों पर पड़ेगी भारी

“बिहार में कोसी और गंडक दो प्रमुख बांधों से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के बाद विभिन्न तटबंधों की निगरानी बढा दी गयी है। 13 विभिन्न जिलों में बाढ- को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है”

पटना 28 / 09 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

दोपहर के समय गंडक बराज और कोसी बराज से पांच –पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। नेपाल में जल ग्रहण क्षेत्रों और उत्तर बिहार में लगातार हो रही बारिश के बाद तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और निचले इलाकों में बाढ का पानी फैल रहा है।

पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज, पटना , सुपौल , सहरसा, मधेपुरा सहित 13 जिलों में बाढ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

सुपौल के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने आकाशवाणी समाचार से बातचीत में कहा कि आज की रात बहुत महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। तटबंधों वाले क्षेत्रों और निचले इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित ले जाया गया है।

श्री कुमार ने बताया कि कोसी बराज के सभी छप्पन फाटकों को खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभियंताओं को तटबंधो में किसी प्रकार का रिसाव होने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।

नेपाल प्रभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद कोसी नदी एक बार फिर उफान पर है। बीते 24 घंटों में ही कोसी नदी के जलस्तर में करीब 4 लाख क्यूसेक का उछाल आया है। 

नेपाल के बराह क्षेत्र में दोपहर 01 बजे 4 लाख 45 हजार 550 क्यूसेक पानी और कोसी बराज से पांच लाख 21 हजार 455 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है।

कोसी के उफान से सुपौल सहित, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, खगड़िया, कटिहार और भागलपुर जिलों में भारी तबाही मचने की आशंका थी।

कुछ घंटे बाद शाम चार बजे अपडेट आया कि नेपाल ने कोसी बराज वीरपुर से 549500 और गंडक बराज वाल्मीकिनगर से 501650 क्यूसेक पानी छोड़ दिया है। फिर शाम छह बजे कोसी बराज का डिस्चार्ज बढ़कर 5,67,760 हो गया। 

कोसी बराज से शनिवार की शाम 8 बजे 5 लाख 90 हजार 385 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रिकॉर्ड किया गया है। जलस्तर में आई इस वृद्धि के बाद नदी का बहाव बराज पर बने पुल के निचले हिस्से से सट कर हो रहा है।

वही पानी के हिचकोलों की वजह से बराज का पानी ओवरफ्लो होकर पुल के ऊपर से बहने लगा है। इसके साथ ही बिहार में बाढ़ की तबाही शुरू हो गई है। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट जारी किया है।

इस बीच, नेपाल के फतुहा पुल के समीप (लालबकेया) नदी का बांध टूटने से भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की तबाही का डर सामने आ गया है।

इधर, जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए नेपाल प्रभाग स्थित कोसी बराज से वाहनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया गया है। 

सुपौल में जिलाधिकारी कौशल कुमार खुद ही तटबंध के इलाकों की निगरानी में निकले हुए हैं। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटों में नेपाल प्रभाग स्थित कोसी नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में 200 एमएम से भी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

इसके कारण कोसी नदी अचानक उफनाई है। प्रशासन की ओर से माइकिंग कराई जा रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए अपील की जा रही है।

प्रशासन की माइकिंग में स्पष्ट किया गया है दोपहर 12 बजे की संभावित कोसी बराज का डिस्चार्ज बीते 56 वर्षों में सर्वाधिक है। डीएम ने बताया कि संभावित बाढ़ और कटाव के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कोसी के अभियंताओं को भी तटबंध की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

 

शुक्रवार से कोसी के जलस्तर में लगातार हो रही है वृद्धि

शुक्रवार की शाम से ही कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद अब पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के बीच बसे आबादी वाले इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैलाना शुरू हो चुका है।

लेकिन कोसी के अभियंताओं के लिए इससे भी बड़ी चिंता नेपाल प्रभाग के बराह क्षेत्र में लगातार जलस्तर वृद्धि है। शनिवार की शाम 8 बजे बराह क्षेत्र से बढ़ते क्रम में 05 लाख  08 हजार 350 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रिकॉर्ड हुआ है।

तटबंध के इलाकों से पलायन करने लगे हैं लोग

कोसी नदी के जलस्तर में शुक्रवार की शाम से जारी उछाल के बाद सुपौल में नेपाल सीमा से सटे इलाकों में बाढ़ का पानी फैल रहा है। शनिवार की सुबह 10 बजे कोसी बराज से 4 लाख 80 हजार 495 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रिकॉर्ड किया गया है।

प्रशासन ने दोपहर 12 बजे 6 लाख 81 हजार 639 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज की संभावना जताई है। यही कारण है कि बाढ़ का पानी फैलने के साथ ही लोग तटबंध के इलाकों से पलायन करने लगे हैं। कोसी के जलस्तर में अचानक हुए अप्रत्याशित वृद्धि से लोगों में दहशत का माहौल है।

नेपाल प्रशासन भी अलर्ट 

दरअसल, बराह क्षेत्र में जलस्तर वृद्धि का सीधा मतलब है कि अगले कुछ घंटों में कोसी बराज से भी डिस्चार्ज में बढ़ोतरी होगी। ऐसे में भले ही प्रशासन के पूर्वानुमान से कोसी बराज का डिस्चार्ज अब तक पीछे चल रहा हो, लेकिन बराह क्षेत्र में बढ़ रहा जलस्तर इस बात के पूरे संकेत दे रहा है कि डिस्चार्ज का लेवल प्रशासन के पूर्वानुमान से भी ज्यादा हो सकता है।

ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अगर कोसी बराज का डिस्चार्ज 6 लाख क्यूसेक के पार पहुंचा तो नदी का पानी बराज से ओवरफ्लो होकर पूरी तरह पुल के ऊपर से भी बह सकता है।

बहरहाल, कोसी नदी के बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए नेपाल में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। नेपाल प्रशासन ने कोसी बराज से वाहनों के परिचालन पर अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है।

सुनसरी के सहायक प्रमुख जिलाधिकारी वेदराज फूयल ने इस बाबत आम सूचना भी जारी की है। इसमें लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए कोसी बराज के बजाय आवागमन के लिए दूसरे वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।

इधर, शनिवार की शाम नेपाल के कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री हिकमत कार्की ने भी कोसी बराज का जायजा लिया। यहां उन्होंने कोसी के अभियंताओं से भी हालात की जानकारी ली। साथ ही नेपाल एपीएफ के जवानों को जरूरी निर्देश दिए।

सुपौल सहित आठ जिलों में होगा असर

कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद शनिवार रात से ही सुपौल जिले के 6 प्रखंड अंतर्गत 32 पंचायतों में रह रहे 25 हजार से अधिक परिवार बाढ़ की जद में होंगे।

वही सुपौल के अलावा सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, खगड़िया, कटिहार और भागलपुर जिले के लोग भी रविवार को इस जलस्तर वृद्धि का असर झेलने को मजबूर रहेंगे।

आपको बता दें कि जल संसाधन विभाग ने शुक्रवार की शाम ही बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके अनुसार शनिवार की दोपहर 12 बजे ही 6 लाख 81 हजार 639 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज की आशंका जताई गई थी।

फिलहाल विभागीय आंकड़ों के अनुसार कोसी नदी खगड़िया जिले के बलतारा और कटिहार के कुरसेला में पूर्व से ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

नेपाल में झमाझम बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि

कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि की मूल वजह नेपाल प्रभाग स्थित कोसी के जल ग्रहण क्षेत्र में अप्रत्याशित बारिश है। शनिवार की सुबह करीब 9 बजे सुपौल जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कोसी के जल ग्रहण क्षेत्र में बीते 24 घंटों में 200 एमएम से अधिक बारिश की जानकारी दी।

वही जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार आज सुबह 3 बजे से शाम 3 बजे तक नेपाल के ओखलढुंगा में 55.2 और रैक पर 129 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

वही नेपाली समय के अनुसार सुबह 08:45 बजे के रिपोर्ट तक बीते 24 घंटों में ओखलढुंगा में 104.4, तपलेजुंग में 107.8 और धनकुट्टा में 169.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

विभाग की ओर से शाम 3 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार कोसी नदी नेपाल के चतरा बाजार और सुपौल में कोसी महासेतु को छोड़ कर, बराह क्षेत्र से कटिहार के कुरसेला तक कोसी नदी सभी जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रात 10 बजे तक सुपौल के बसुआ फाटक पर जलस्तर में सुबह के मुकाबले 48 सेंटीमीटर वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।

सुपौल में प्रशासन ने शुरू की राहत की तैयारी

कोसी के जलस्तर में अचानक अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिलाधिकारी कौशल कुमार खुद पूरे हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभाव से बाढ़ प्रभावित लोगों की सुविधा के लिए 25 स्थानों पर कम्युनिटी किचेन तैयार किए गए हैं। लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में अथवा ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए अपील की जा रही है।

इसके अलावा 2000 से अधिक सुखा राशन पैकेट तैयार कराए जा रहे हैं। डीएम ने बताया कि कोसी के अभियंताओं के साथ ही वह स्वयं भी तटबंध की निगरानी के लिए रात में निकलेंगे।

सभी जगहों पर प्रशासन और अभियंताओं को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हर संभव तैयारी में जुटी है।

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