बिहार – पटना में भारत बंद के नाम पर उत्पात कर रहे समर्थकों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
“पुलिस ने इन आंदोलनकारियों की उदंडता को देखते हुए जमकर लाठियां चटकाई, सदर एसडीएम को पहचान नहीं पाया पुलिसकर्मी, भांज दी लाठी, बाद में मांगी माफ़ी “
पटना, 31 अगस्त 2024 – संतोष सेठ की रिपोर्ट
पटना के डाक बंगला चौराहे पर बंद समर्थकों पर पुलिस ने जमकर चलाई लाठी, वाटर कैनन के साथ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा।
प्रदर्शनकारी प्रदर्शन करने के झंडे के साथ बड़ी-बड़ी लाठियां को लेकर पहुंचे थे। झंडा में लगाकर लाई गई बड़ी लाठियां को पुलिस ने किया जब्त।
एससी- एसटी के आरक्षण में क्रिमीलेयर लागू करने के विरोध में पूरे बिहार में प्रदर्शन हो रहा है। इसे लेकर लोग सड़क पर उतर गए हैं। पटना में कई जगहों पर भीम सेना के युवकों ने उत्पात मचाया है।
उसके बाद डाकबंगला चौराहे के पास पुलिस टीम के तरफ से इन आंदोनकारी पर जमकर लाठियां बरसाई गई है। इस दौरान कई लोगों को चोट भी आई है।
दलित सेना और भीम आर्मी के युवा सुबह से ही सड़क पर आगजनी कर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद पटना में प्रदर्शनकारियों की उदंडता दिखने लगी थी।
प्रदर्शनकारी जबरन दवा दुकान को बंद करा रहे थे। सरकार के द्वारा साफ तौर पर प्रदर्शनकारियों को हिदायत दी गई है कि भारत बंद के दौरान वो निजी, सरकारी अस्पतालों और दवा दुकानों को बंद नहीं कराएंगे।
इसके बावजूद प्रदर्शनकारी लगातार पटना में जबरन दवा दुकान बंद करा रहे थे। पटना के पीएमसीएच के पास भी प्रदर्शनकारियों का भारी बवाल हुआ है।
आरक्षण बिल के विरोध में शामिल भीम आर्मी के प्रदर्शनकारियों ने अशोक राज पथ स्थित मेडिकल दवा दुकानों को जबरन बंद करा रहे थे।
प्रदर्शनकारी लाठी डंडो के साथ पटना की सड़कों पर उतरे और लाउडस्पीकर लगाकर प्रदर्शनकारी जबरन दुकान बंद करा रहे थे।
पटना का डाक बंगला चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया । उसके बाद पुलिस ने इन आंदोलनकारियों की उदंडता को देखते हुए जमकर लाठियां चटकाई है।

सदर एसडीएम को पहचान नहीं पाया पुलिसकर्मी, भांज दी लाठी, बाद में मांगी माफ़ी
दरअसल, डाक बंगला चौराहा पर भारत बंद के समर्थक उग्र हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकैडिंग तोड़ दी और आगे बढृने की कोशिश करने लगे।
पुलिस ने पहले काफी समझाने की कोशिश लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया। इधर, पुलिस अधिकारियों के साथ पटना के सदर के एसडीएम आईएएस श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर विधि व्यवस्था दुरुस्त करने लगे थे।
वहीं लाठीचार्ज होते ही प्रदर्शनकरी इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर प्रदर्शनकारियों को पीटा। इसी बीच एक पुलिसकर्मी सदर एसडीएम को पहचान नहीं पाया और उन पर लाठी चला दी।
हालांकि फौरन वहां मौजूद वरीय अधिकारियों ने पुलिसकर्मी को पकड़ लिया। पुलिसकर्मी ने सफाई देते हुए कहा कि वह एसडीएम साहब को पहचान ही नहीं पाया। भीड़ अनियंत्रित हो गई थी। इसलिए लाठी भांजने के दौरान ऐसा हो गया।











