जौनपुर – जिलाधिकारी ने एनएचएआई पर की बड़ी कार्रवाई, दो कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के दिए निर्देश, मचा हड़कंप 

“जिलाधिकारी ने कानूनगो संतोष कुमार तिवारी को कलेक्ट्रेट से संबद्ध करने और कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु और अनिल यादव की सेवा समाप्त करने के निर्देश तथा राहुल सिंह को नोटिस जारी करने के निर्देश मुख्य राजस्व अधिकारी गणेश प्रसाद सिंह को दिए”
 
जौनपुर 23 / 08 / 2024 (शब्द ) 
 
जौनपुर के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड के द्वारा कार्यालय एनएचएआई का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी के द्वारा गहनता से पत्रावलियों और अभिलेखों का निरीक्षण किया गया।
 
भूमि अधिग्रहण में 3.38 की जगह 34 लाख के भुगतान की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ एनएचएआई ऑफिस में पहुंचे और पांच घंटे तक दस्तावेजों की पड़ताल की।
 
दो मामलों में मुआवजे का गलत भुगतान पाया। चार कर्मचारियों की संलप्तिता पाई। इसके बाद डीएम ने दो कर्मियों की संविदा खत्म कर दी।
 
कार्यालय प्रभारी कानूनगो का पटल बदलने का निर्देश दिया। साथ ही शिक्षक की संलिप्तता मिलने पर उसे नोटिस भेजने का निर्देश दिया।
 
शिकायत मिली थी कि यहां पर तहसीलों से बगैर आए पत्रावली तैयार कर अफसरों का हस्ताक्षर और मुहर मार कर भुगतान कराया जा रहा है।
 
मामले के संज्ञान में आने के बाद डीएम ढाई बजे एनएचएआई कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने पाया कि भूमि मुआवजे के दो मामलों में फर्जी तरीके से भुगतान किया गया है। दो का फर्जी अभिलेख तैयार है लेकिन भुगतान रोका गया।
 
डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि जांच में एनएचएआई की कार्यालय प्रभारी संतोष तिवारी, कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु शर्मा, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अनिल यादव और एक शिक्षक राहुल यादव की संलिप्तता पाई गई।
 
इसमें संदिग्ध पत्रावली मिली, जो कि तहसील से नहीं आई थी बावजूद इसको यहां तैयार कर लिया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक के साथ चैट संदिग्ध पाया गया।
 
उन्होंने कहा कि इसमें किसी बड़े अधिकारी की संलिप्तता पाई गई जो इसके प्रभारी हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
 
ऐसे में दो संविदा कर्मियों की संविदा खत्म करने और कार्यालय प्रभारी को कलेक्ट्रेट में अटैच करने का निर्देश दिया।
 
साथ ही शिक्षक को नोटिस भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।
 
जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रथम दृष्टया कानूनगो संतोष तिवारी , कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु और क्लर्क अनिल यादव और बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक राहुल सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गयी है।
 
जिसपर कानूनगो संतोष कुमार तिवारी को कलेक्ट्रेट से संबद्ध करने और कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु और अनिल यादव की सेवा समाप्त करने के निर्देश तथा राहुल सिंह को नोटिस जारी करने के निर्देश मुख्य राजस्व अधिकारी गणेश प्रसाद सिंह को दिए गए। 

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