हमीरपुर – चैरिटेबल अस्पताल बंद करने के विरोध में चक्का जाम

“राधास्वामी चैरिटेबल अस्पताल भोटा को बंद किए जाने के विरोध में तहसील गलोड़ के तहत आने वाले क्षेत्र के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवीं चौक पर एकत्रित होकर लोगों ने सडक़ के बीच बैठकर चक्का जाम कर दिया। कई घंटों तक सडक़ पर यातायात बाधित रहा”

हमीरपुर 28 / 11 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

लोगों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे तथा काफी मशक्कत के बाद यातायात को बहाल करवाया गया। लोग मार्ग से उठने का तैयार नहीं थे। राधास्वामी अस्पताल को बंद किए जाने की बात सुनकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

लोगों का कहना है कि यदि प्रदेश सरकार ने इस अस्पताल को बंद होने से नहीं रोका, तो लोग आंदोलन पर उतर जाएंगे। बताया जाता है कि तहसील गलोड़ के तहत आने वाली लगभग 20 पंचायतों के लोग इलाज के लिए राधास्वामी चैरिटेबल अस्पताल भोटा पहुंचते हैं। इस अस्पताल में जहां बेहतर उपचार दिया जाता है, तो वहीं यहां की व्यवस्थाएं भी काबिलेतारीफ हैं।

लोगों की सुविधाओं का पूरा ख्याल अस्पताल में रखा जाता है। गुरुवार को बुधवीं चौक पर एक साथ सैकड़ों लोग एकत्रित हुए तथा सडक़ पर बैठकर अस्पताल को बंद करने का विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि चैरिटेबल अस्पताल को पहली दिसंबर से बंद करने का फैसला लिया गया है।

प्रदेश सरकार की तरफ से लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन की बात की गई है लेकिन राधास्वामी चेरिटेबल ट्रस्ट को राहत पहुंचाने हेतु लिखित में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से अस्पताल को बंद करने का निर्णय लिया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस अस्पताल को किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दिया जाएगा। यदि प्रदेश सरकार जल्द इसके संचालन के संदर्भ में फैसला नहीं लेती है, तो ग्रामीणों का प्रदर्शन आगामी समय में आंदोलन में तबदील हो जाएगा। इस अस्पताल से विभिन्न क्षेत्रों के लगभग चार लाख लोग लाभांवित हो रहे हैं। अस्पताल के बंद होने से एक बड़ी आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।