Bulldozer demolishing illegal commercial buildings in Central Market Shastri Nagar Meerut under heavy police deployment

मेरठ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर, 6 व्यावसायिक भवन ध्वस्त

मेरठ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, 44 सील भवनों में से 6 ध्वस्त”

मेरठ: संतोष सेठ, संपादक (THE POLITICS AGAIN)

उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट (Central Market) में बुधवार को आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन करते हुए ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बुलडोजर ने सुबह नौ बजे से कार्रवाई करते हुए सील किए गए 44 भवनों में से 6 को जमींदोज कर दिया है। इस दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश और समयसीमा

दरअसल, आवास विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उन सभी संपत्तियों को सील कर दिया था, जिन्हें आवासीय भवनों (Residential Buildings) में व्यावसायिक रूप (कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, मिठाई और ज्वैलरी शोरूम आदि) देकर बनाया गया था।

14 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने इन सभी 44 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने का स्पष्ट आदेश दिया था।

इसके बाद परिषद ने सर्वे कर सभी संपत्ति मालिकों को 15 दिन में खुद भवन तोड़ने का नोटिस जारी किया था, जिसकी मियाद पहले ही पूरी हो चुकी थी।

चूंकि 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई होनी है और परिषद को ध्वस्तीकरण की अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी है, इसलिए परिषद ने बुधवार को भारी लाव-लश्कर के साथ इन भवनों को तोड़ने की शुरुआत की।

व्यापारियों में हड़कंप, दुकानें खाली करने की मची होड़

बुलडोजर और पुलिस फोर्स को देखते ही व्यापारियों और दुकानदारों में भारी हड़कंप मच गया। कई दुकानदार आनन-फानन में अपनी दुकानों से बचा हुआ सामान निकालते देखे गए।

मौके पर काफी संख्या में व्यापारी भी इकट्ठा हो गए थे, लेकिन भारी पुलिस बंदोबस्त के कारण किसी की एक न चली।

बैरिकेडिंग से बच्चे स्कूल जाने से चूके, मीडिया पर भी रोक

प्रशासन ने किसी भी विरोध या बवाल से निपटने के लिए पूरी सेंट्रल मार्केट और शास्त्री नगर इलाके को बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह से सील कर दिया था।

इस कड़े पहरे का असर यह हुआ कि इलाके के बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाए और उन्हें पुलिस ने बैरिकेड्स पर ही रोक दिया।

इसके अलावा, प्रशासन ने मीडिया कर्मियों को भी ध्वस्तीकरण स्थल के अंदर जाने और कैमरे का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी, जिससे पूरी कार्रवाई कड़ी निगरानी में संपन्न कराई जा रही है।