प्रयागराज – सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की
“उन्होंने अधिवक्ताओं को सलाह दिया कि छोटे-छोटे मामलों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत नहीं होना चाहिए इससे वादकारियों को समय से न्याय नहीं मिल पाता”
प्रयागराज 25 /08 / 2024 (शब्द) विनयराज की रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ सिंह उत्तर प्रदेश बार काउंसिल प्रयागराज में शनिवार को एक सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।
उन्होंने अधिवक्ताओं को सलाह दिया कि छोटे-छोटे मामलों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत नहीं होना चाहिए इससे वादकारियों को समय से न्याय नहीं मिल पाता, वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बातो को करें।
अंत में उन्होंने न्यायिक कार्य पर कविता भी सुनाई। इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने भी अपनी बात अधिवक्ताओं के बीच रखी।
वहीं बार काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि बिना मानक के लॉ कॉलेज खुल रहे हैं, इससे न्यायिक पेशे का स्तर गिर रहा है। इससे केवल डिग्रियां बांटी जा रही है।
बिना मानक वाले ला कॉलेजों पर अंकुश लगना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
इसके पहले बार काउंसिल के नए भवन का लोकार्पण भी मुख्य अतिथि के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्तिगणों के अलावा तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।











