Nepal Army and police personnel conducting rescue operations using helicopters in flood-affected areas

नेपाल में बाढ़ का कहर: 359 मौतें, 910 लापता, 84 भारतीय सुरक्षित

नेपाल में प्रलयंकारी बाढ़: 359 की मौत, 910 अभी भी लापता; भारत ने भेजे विमान, 84 भारतीय बचाए गए”

काठमांडू/नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट ” THE POLITICS AGAIN

पड़ोसी देश नेपाल में बुधवार को अचानक आई प्रलयंकारी बाढ़ (Flash Floods) ने चारों तरफ मौत और तबाही का मंजर छोड़ दिया है।

अब तक देश के 8 अलग-अलग जिलों से 359 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 910 लोग (जिनमें 517 विदेशी नागरिक और दर्जनों सुरक्षाकर्मी शामिल हैं) अभी भी लापता या संपर्क से बाहर हैं।

सबसे ज्यादा 132 मौतें चितवन में दर्ज की गई हैं। नेपाल सरकार ने अपनी पूरी मशीनरी को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में झोंक दिया है।

हवाई और जमीनी रेस्क्यू: 13,295 सुरक्षाकर्मी तैनात

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गुरुवार को सबसे ज्यादा प्रभावित नुवाकोट इलाके का दौरा किया।

  • सुरक्षाबलों की तैनाती: बचाव अभियान में नेपाल पुलिस, सेना और सशस्त्र पुलिस बल के कुल 13,295 जवानों को लगाया गया है।

  • हवाई बचाव: 69 हेलीकॉप्टर उड़ानों के जरिए 573 लोगों (विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों) को सुरक्षित स्थानों पर एयरलिफ्ट किया गया है।

  • राहत शिविर: रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जैसे इलाकों से करीब 3500 लोगों को निकालकर अस्थायी शिविरों में रखा गया है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए करोड़ों रुपये का विशेष फंड भी जारी किया है।

84 भारतीय सुरक्षित, 290 अब भी लापता; भारत ने भेजी मदद

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, त्रिशूली-I प्रोजेक्ट के 63 कर्मचारियों और तमिलनाडु के 21 (कैलाश मानसरोवर) यात्रियों सहित 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, 290 भारतीयों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है, जिनकी तलाश जारी है।

संकट की इस घड़ी में भारत पूरी मजबूती से नेपाल के साथ खड़ा है। भारत सरकार ने अब तक 47.5 टन मानवीय सहायता (दवाइयां, भोजन और कंबल) वायुसेना के विमानों के जरिए काठमांडू भेजी है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आश्वासन दिया है कि भारत राहत अभियान में नेपाल का लगातार सहयोग करता रहेगा।

चीन ने दी नई तबाही की चेतावनी

इस महाविनाश के बीच चीन ने एक और खतरनाक चेतावनी जारी की है। चीनी अधिकारियों के अनुसार, ल्हेंदे नदी के ऊपरी हिस्से में मलबा जमा होने से एक नई झील (0.11 वर्ग किमी) बन गई है, जो लगातार बढ़ रही है।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्राधिकरण (NDRRMA) ने निचले इलाकों (रसुवागढ़ी, भोटेकोशी) में हाई अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि यह झील फटी, तो एक और भयानक और अचानक बाढ़ (GLOF) आ सकती है।

सरकार ने अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है और दूरसंचार व्यवस्था को ड्रोन की मदद से बहाल करने की कोशिशें की जा रही हैं।