Massive water discharge from the opened gates of the Gandak Barrage in West Champaran following flash floods in Nepal

नेपाल की बाढ़ से भारत में खतरा : गंडक बैराज के 36 गेट खुले

नेपाल की प्रलयकारी बाढ़ का भारत पर असर: गंडक बैराज के 36 गेट खुले, यूपी-बिहार के 16 जिलों में हाई अलर्ट, 24 घंटे अहम”

नई दिल्ली/पटना : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ (Flash Floods) ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 163 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 750 से अधिक लोग लापता हैं।

इस त्रासदी का सीधा और भयानक असर अब भारत के सीमावर्ती राज्यों पर दिखने लगा है। गंडक और नारायणी जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह खुद इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।

गंडक बैराज के 36 गेट खुले, बिहार के 9 जिलों में अलर्ट

पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए हैं और नदी किनारे बसे इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

  • बिहार में हाई अलर्ट वाले जिले: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुज़फ़्फ़रपुर, सिवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली।

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपात बैठक कर अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

यूपी के 7 जिलों में हाई अलर्ट, CM योगी के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में भी नेपाल से निकलने वाली नदियों के उफान को देखते हुए 7 जिलों—महाराजगंज, कुशीनगर, पीलीभीत, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर—में निगरानी बढ़ा दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से महाराजगंज और कुशीनगर के अधिकारियों को गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति के लिए मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।

नेपाल की बाढ़ से यूपी-बिहार को क्यों है सीधा खतरा?

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता नदियों का आपस में जुड़ा हुआ सिस्टम है:

  • नेपाल में भोटेकोशी नदी त्रिशूली नदी सिस्टम से जुड़ती है।

  • त्रिशूली नदी देवघाट के पास काली गंडकी से मिलकर ‘नारायणी नदी’ बनाती है।

  • यही नारायणी नदी जब भारत में प्रवेश करती है, तो इसे ‘गंडक’ कहा जाता है। नेपाल के ऊपरी इलाकों में अचानक पानी बढ़ने से गंडक नदी के निचले इलाकों (बिहार और यूपी) में सैलाब का सीधा खतरा पैदा हो गया है।

उत्तराखंड में SDRF मुस्तैद, हेल्पलाइन नंबर जारी

उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले चंपावत में भी शारदा नदी के उफान को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।

एसडीआरएफ (SDRF) की टनकपुर पोस्ट को हाई अलर्ट पर रखा गया है और जवानों द्वारा घाटों पर गश्त कर लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।

राज्य सरकार ने नेपाल में फंसे लोगों की मदद के लिए देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के हेल्पलाइन नंबर 0135-2710334, 8218867005 और टोल-फ्री नंबर 1070 जारी किए हैं।

प्रशासन के अनुसार, निचले इलाकों के लिए अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।