Police and Drug Control Department officials examining boxes of banned and illegal drugs seized from a godown in Baddi

बद्दी में नशीली दवाओं का भंडाफोड़: 4 लाख प्रतिबंधित गोलियां जब्त

बद्दी में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश: बंद गोदाम से 4 लाख प्रतिबंधित गोलियां-इंजेक्शन जब्त, मास्टरमाइंड पर NDPS केस दर्ज”

बद्दी (हिमाचल प्रदेश) : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन को एक बड़ी कामयाबी मिली है।

औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Control Department) और स्थानीय पुलिस ने एक बंद गोदाम में देर रात संयुक्त रूप से दबिश देकर बिना वैध अनुमति के रखी गईं प्रतिबंधित दवाओं की चार लाख गोलियां, कैप्सूल और इंजेक्शन बरामद किए हैं।

बरामद की गई इन दवाओं का बड़े पैमाने पर नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पारदर्शी पॉलीबैग और ‘बायो-कैपस इंडिया’ के डिब्बों में पैकिंग

विभाग को अवैध रूप से नशीली दवाओं के भंडारण की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर बद्दी थाने के एसएचओ और जवानों के साथ मिलकर यह ऑपरेशन चलाया गया।

तलाशी के दौरान गोदाम से जो ड्रग्स बरामद हुए, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • टैपेंटाडोल एचसीएल (Tapentadol HCl) 100 एमजी टैबलेट

  • सेफ्ट्रियाक्सोन एवं सल्बैक्टम (Ceftriaxone & Sulbactam) इंजेक्शन

  • गैबापेंटिन और नॉर्ट्रिप्टिलीन एचसीएल (Gabapentin & Nortriptyline HCl) टैबलेट

  • फेरस एस्कॉर्बेट एवं फोलिक एसिड सस्पेंशन

अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी ड्रग्स पारदर्शी पॉलीबैग में पैक थीं और इन्हें छुपाने के लिए ‘बायो-कैपस इंडिया लिमिटेड’ (Bio-Caps India Limited) के नाम वाले खाकी रंग के गत्ते के डिब्बों में रखा गया था।

मास्टरमाइंड अंकित शुक्ला की पुरानी क्रिमिनल हिस्ट्री

इस पूरे गोरखधंधे के तार ‘एएस केमिकल’ (AS Chemical) से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने एएस केमिकल के मालिक अंकित शुक्ला के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी अंकित शुक्ला आदतन अपराधी है। इससे पहले 8 और 9 मई को हुई एक अन्य संयुक्त कार्रवाई के दौरान भी उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत ही गिरफ्तार किया गया था।

फिलहाल, आरोपी को नकली दवाओं के एक अन्य मामले में हरियाणा पुलिस अपने साथ ले गई है।

सप्लाई चेन खंगालने में जुटा विभाग

ड्रग इंस्पेक्टर ने बरामद किए गए पूरे स्टॉक और पैकिंग को नियमानुसार सील कर दिया है तथा जांच के लिए सैंपल लैब भेज दिए गए हैं।

ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि बरामद स्टॉक को पूरी तरह जब्त कर लिया गया है।

विभाग अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि इतनी भारी मात्रा में ये प्रतिबंधित ड्रग्स कहां से बनकर आईं, इनका निर्माण स्रोत क्या था, इन्हें कहां भेजा जाना था और इस बड़े नेटवर्क में अन्य कौन-कौन से सफेदपोश लोग शामिल हैं।

संबंधित निर्माताओं और वितरकों से भी दवाओं के स्रोत की कड़ाई से पुष्टि की जा रही है।