नेपाल में फंसे UP वालों को बचाने पहुंची SDRF, CM योगी का एक्शन
नेपाल में ‘संकटमोचक’ बनी योगी सरकार: फंसे हुए UP वालों को निकालने के लिए SDRF-PAC और रबर बोट रवाना, 288 भारतीय अब भी लापता”
लखनऊ : संतोष सेठ की रिपोर्ट ” THE POLITICS AGAIN
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार ने युद्धस्तर पर कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद, यूपी के नागरिकों तक तत्काल मदद पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एक बड़े राहत एवं बचाव अभियान की शुरुआत कर दी गई है।
SDRF और PAC के जवान नेपाल रवाना
राहत-बचाव कार्य में तेजी लाते हुए राज्य सरकार ने विशेष पुलिस और आपदा मोचन बलों को सीमा पार भेजा है:
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SDRF की तैनाती: आपदा प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू के लिए SDRF की एक विशेष प्लाटून (32 जवान) नेपाल भेजी गई है।
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PAC का सहयोग: पीएसी (PAC) की 26वीं बटालियन के 22 जवानों को भी राहत कार्य के लिए मोर्चे पर लगाया गया है।
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संसाधनों का बैकअप: सरकार ने स्पष्ट किया है कि हालात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जवानों और संसाधनों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
नावों की व्यवस्था और कंट्रोल रूम से निगरानी
रेस्क्यू ऑपरेशन को पानी के रास्तों पर प्रभावी बनाने के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। फिलहाल 4 रबर बोट और एक एल्युमिनियम बोट SDRF टीम के साथ नेपाल भेजी जा रही है। सिंधुरिया क्षेत्र में बचाव अभियान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
इसके साथ ही, राहत आयुक्त कार्यालय का कंट्रोल रूम नेपाल सीमा से जुड़े सभी जिलों की स्थिति की 24 घंटे निगरानी कर रहा है।
परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी
प्रशासन नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों का डाटा जुटाने में लगा है। जिन परिवारों के सदस्य नेपाल में फंसे हुए हैं, उनकी मदद के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है।
परिजन इस नंबर पर संपर्क करके जानकारी दे सकते हैं या सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
288 भारतीय नागरिक अब भी लापता
नेपाल में स्थिति अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी कि इस प्राकृतिक आपदा के बाद से 288 भारतीय नागरिकों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
इन लापता लोगों में नेपाल की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल हैं।











