An 11-member Indian rescue team including medical and tunnel experts arriving in Nepal to assist in flood relief operations

नेपाल बाढ़ त्रासदी: 616 मौतें, 2000 लापता, भारतीय बचाव दल पहुंचा

नेपाल जल प्रलय: मरने वालों का आंकड़ा 616 पहुंचा, 2000 से ज्यादा लापता; रेस्क्यू के लिए भारत ने भेजी 11 सदस्यीय स्पेशल टीम”

काठमांडू/नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) ने एक भयावह त्रासदी का रूप ले लिया है। देश में मरने वालों का आंकड़ा 616 तक पहुंच गया है, जबकि 2,000 से ज्यादा लोग अब भी मलबे और पानी के तेज बहाव में लापता बताए जा रहे हैं।

चीनी सरकारी मीडिया (बीबीसी के हवाले से) की रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बत में भूस्खलन के मलबे से बनी झील का जलस्तर फिर से बढ़ रहा है, जिससे नए सिरे से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 11 सदस्यीय टीम नेपाल पहुंची

नेपाल सरकार के विशेष अनुरोध पर भारत ने शनिवार को एक 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय बचाव दल नेपाल भेजा है।

भारतीय दूतावास के सूत्रों के मुताबिक, इस दल में चिकित्सा कर्मी और टनल (सुरंग) रेस्क्यू एक्सपर्ट्स शामिल हैं।

यह टीम उन दुर्गम इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगी जहां स्थानीय पुलिस और सेना को भारी तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

खराब मौसम ने रोकी रेस्क्यू की रफ्तार

त्रिशूली नदी में भारी बारिश और लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण राहत और बचाव कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के चलते रेस्क्यू हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं, जिससे बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।

एहतियात के तौर पर नदी के किनारे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।

नेपाल ने मानी विदेशी मदद, पत्रकारों के लिए कड़े नियम

लगातार बढ़ रहे दबाव और लापता विदेशियों के परिजनों की अपील के बाद, नेपाल सरकार ने आखिरकार विदेशी मदद लेने पर सहमति जता दी है।

अधिकारी अब टनल में फंसे लोगों को निकालने और क्षत-विक्षत शवों की पहचान (DNA) के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद लेंगे।

वहीं, भोटेकोशी बाढ़ की कवरेज के लिए विदेशी पत्रकारों पर सख्ती की गई है। उन्हें पासपोर्ट, वीजा, संस्था का आईडी कार्ड और वेतन विवरण जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

WHO ने जारी किए 150,000 डॉलर, पश्चिम बंगाल के 2 पर्यटकों से संपर्क

संकट की इस घड़ी में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मदद का दायरा बढ़ाते हुए तत्काल 1,50,000 अमेरिकी डॉलर का आपातकालीन फंड जारी किया है।

महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि 10,000 लोगों के लिए 3 महीने तक चलने वाली स्वास्थ्य सामग्री, टेंट और दवाइयां भी भेजी गई हैं।

भारत के पश्चिम बंगाल के 39 लापता पर्यटकों में से 2 पर्यटकों (बशीरहाट निवासी) से संपर्क हो गया है, लेकिन 37 लोग अभी भी लापता हैं।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानी भवन (राज्य पुलिस मुख्यालय) से परिजनों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।