यूपी की लाखों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को योगी सरकार का शानदार दिवाली गिफ्ट। मानदेय हुआ 12 हजार, मुफ्त मिलेगा 5 लाख तक का इलाज। (ग्राफिक्स: द पॉलिटिक्स अगेन)
दिवाली से पहले योगी सरकार का बड़ा तोहफा: यूपी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय हुआ 12 हजार, सहायिकाओं को मिलेंगे 6 हजार; 5 लाख का इलाज मुफ्त”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
उत्तर प्रदेश की लाखों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की इस बार की दिवाली बेहद खास होने वाली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने त्योहार से ठीक पहले प्रदेश की 3.35 लाख आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में बड़ी वृद्धि कर उन्हें एक शानदार ‘दिवाली गिफ्ट’ दिया है।
लंबे समय से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहीं इन कर्मियों को अब बढ़ा हुआ मानदेय मिल रहा है, जिससे उनके घरों का बजट और त्योहार की खुशियां दोनों मजबूत हुई हैं।
वर्ष 2017 में जब योगी सरकार सत्ता में आई थी, तब कार्यकर्ताओं को 3,000 रुपये और सहायिकाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। अब सरकार ने इस राशि में बंपर इजाफा किया है:
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। (हर महीने 4,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ)
आंगनवाड़ी सहायिका: मानदेय 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। (हर महीने 2,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ) इस प्रकार 2017 की तुलना में यह मानदेय अब चार गुना हो गया है।
मानदेय वृद्धि के साथ-साथ योगी सरकार ने इन कर्मियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है।
अब 3.35 लाख आंगनवाड़ी कर्मियों और उनके परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस (मुफ्त) इलाज मिलेगा।
इसका लाभ वे सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उठा सकेंगी। इसके अलावा, काम के दौरान अब तक मिलने वाली दो साड़ियों की जगह अब तीन साड़ियां दी जाएंगी।
इसके लिए सरकार 500 रुपये अतिरिक्त उपलब्ध करा रही है, जिस पर लगभग 20 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
आंगनवाड़ी व्यवस्था को पूरी तरह ‘डिजिटल’ और आधुनिक बनाने के लिए सरकार तकनीकी सुविधाएं भी बढ़ा रही है।
पहले चरण में 1,23,398 स्मार्टफोन बांटे गए थे।
इसके बाद रिप्लेसमेंट पॉलिसी के तहत 69,803 और स्मार्टफोन दिए गए हैं। स्मार्टफोन की मदद से अब बच्चों के पोषण और सरकारी योजनाओं का रियल टाइम डेटा दर्ज करना आसान हो गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना ‘निजी भवन’ उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (1,75,982) और सहायिकाओं (1,70,656) के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मानदेय बढ़ने और 5 लाख के कैशलेस इलाज से उनके जीवन में सुरक्षा और सम्मान दोनों बढ़े हैं।
| लाभ / सुविधाएं (Benefits & Facilities) | वृद्धि और नए नियम (Hikes & New Rules) |
| कार्यकर्ताओं का नया मानदेय | 12,000 रुपये प्रतिमाह (8 हजार से बढ़कर) |
| सहायिकाओं का नया मानदेय | 6,000 रुपये प्रतिमाह (4 हजार से बढ़कर) |
| स्वास्थ्य सुरक्षा (मुफ्त इलाज) | परिवार सहित हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज। |
| यूनिफॉर्म (साड़ी) सुविधा | 2 की जगह अब 3 साड़ियां मिलेंगी (अतिरिक्त ₹500 का प्रावधान)। |
| तकनीकी सशक्तिकरण | रियल-टाइम डेटा के लिए स्मार्टफोन का वितरण। |
| बुनियादी ढांचा | प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन (Building) देने का लक्ष्य। |
| लाभार्थियों की संख्या | लगभग 3.35 लाख (कार्यकर्ता व सहायिकाएं)। |
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