कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की रबी सत्र की तैयारियों की समीक्षा। किसानों को कम पानी वाली फसलें उगाने की सलाह, आपदा राहत कार्यों में देरी न करने के दिए सख्त निर्देश। (ग्राफिक्स: द पॉलिटिक्स अगेन)
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, बोले- ‘संकट में किसानों के साथ खड़ी है सरकार, राहत कार्यों में न हो देरी’
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस बैठक में देशभर में चल रही खरीफ फसलों की कटाई, मौजूदा मौसम के मिजाज और आगामी रबी सत्र की तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक में कृषि सचिव अतीश चंद्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में सूखे, चक्रवाती प्रभाव और अनियमित वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों पर गंभीर मंथन किया गया।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि संकट के समय किसानों के प्रति पूरी संवेदनशीलता बरती जाए और राहत कार्यों में प्रक्रियात्मक (कागजी) देरी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
प्राकृतिक आपदाओं (कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश आदि में सूखा और बाढ़) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने एनडीआरएफ (NDRF) के तहत त्वरित क्षति आकलन और ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के दावों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि देशभर में खरीफ फसलों (मूंग, सोयाबीन) की कटाई अंतिम चरण में है। कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि:
खेतों में मौजूद नमी का तुरंत इस्तेमाल करते हुए रबी फसलों की बुआई में तेजी लाई जाए।
जिन क्षेत्रों में पानी कम है, वहां किसानों को चना, सरसों, मसूर और मोटे अनाज जैसी कम लागत और कम पानी वाली फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
बदलते तापमान को देखते हुए किसानों तक जलवायु अनुकूल और गर्मी रोधी उन्नत बीज पहुंचाए जाएं।
कृषि मंत्री ने रबी सत्र के लिए उर्वरकों की स्थिति की भी समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि देश में यूरिया, डीएपी (DAP), एमओपी और एनपीके सहित सभी जरूरी उर्वरकों और प्रमाणित बीजों का मजबूत स्टॉक मौजूद है।
मंडियों के विश्लेषण से एक सकारात्मक रिपोर्ट यह भी सामने आई कि किसानों को धान, गेहूं, मक्का, चना, मसूर, अरहर, सोयाबीन और सरसों जैसी प्रमुख फसलों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी ऊपर मिल रहे हैं, जिससे उन्हें लाभकारी मूल्य प्राप्त हो रहा है।
कृषि मंत्री ने अंत में कहा कि वे खुद हर हफ्ते स्थिति की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्रियों से सीधा संवाद कर किसानों की समस्याओं का समाधान निकालेंगे।
| विषय / बिंदु (Key Points) | कृषि मंत्री के मुख्य निर्देश (Minister’s Directives) |
| बैठक की अध्यक्षता | केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान |
| रबी बुआई की रणनीति | कटाई के तुरंत बाद खेतों की नमी का उपयोग कर बुआई तेज करें। |
| कम पानी वाले क्षेत्र | किसानों को चना, सरसों, मसूर और मोटे अनाज उगाने के लिए प्रोत्साहित करें। |
| बीज और खाद का स्टॉक | जलवायु अनुकूल उन्नत बीज बांटे जाएं। यूरिया, DAP, MOP का पर्याप्त स्टॉक है। |
| फसलों के दाम (MSP) | धान, गेहूं, चना, सरसों आदि के दाम मंडियों में MSP से ज्यादा मिल रहे हैं। |
| आपदा राहत और बीमा | NDRF क्षति आकलन और PM फसल बीमा योजना के दावों का प्राथमिकता से भुगतान। |
| भविष्य की रणनीति | मंत्री स्वयं हर हफ्ते समीक्षा करेंगे और राज्य सरकारों से सीधा संवाद करेंगे। |
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