पश्चिम बंगाल – जानिये क्या है नबन्ना? प्रदर्शनकरियो पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, किया लाठी चार्ज

“आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बलात्कार-हत्या मामले को लेकर कोलकाता में फोर्ट विलियम के पास प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव किया”

कोलकाता 27 / 08 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट 

तमाम प्रतिबंधों की बावजूद आंदोलनकारी नबन्ना मार्च के लिए इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारी हावड़ा ब्रिज पर एकत्र हुए, पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़ गए और ‘नबन्ना अभिजन’ विरोध मार्च के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ भिड़ गए।

वे सचिवालय तक जाने वाले रास्ते में संतरागाछी इलाके में लगाए गए बैरिकेड्स को हटते हुए देखे गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और पानी की बौछारें की गईं।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में दोनों पक्ष से कई लोग घायल भी हुए हैं। हावड़ा ब्रिज युद्ध का अखाड़ा सा नजर आया।

क्या है नवन्ना 

पश्चिम बंगाल में छात्रों ने मंगलवार को ‘नबन्ना अभियान’ प्रदर्शन किया है। ‘नबन्ना’ एक प्रशासनिक भवन है जो हावड़ा शहर में स्थित है।

इसी भवन में पश्चिम बंगाल सरकार का अस्थायी राज्य सचिवालय है। ‘नबन्ना’ का मतलब धान की नई फसल होता है।

पश्चिम बंगाल में जिस ‘नबन्ना’ तक मार्च किया गया है वह एक प्रशासनिक भवन है। नीली और सफेद रंग की बहुमंजिला इमारत हावड़ा जिले के हावड़ा शहर में एक इमारत है।

ममता बनर्जी ने अक्तूबर 2013 में हुगली नदी के पश्चिमी तट पर स्थित 14 मंजिला हुगली रिवर ब्रिज कमिश्नरेट (एचआरबीसी) भवन का नाम नबन्ना रखा था।

इसी भवन में पश्चिम बंगाल सरकार का अस्थायी राज्य सचिवालय है। इसका उद्घाटन अक्टूबर 2013 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था। बांग्ला भाषा के शब्द ‘नबन्ना’ का मतलब धान की नई फसल होता है। 

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार-हत्या के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

इसी कड़ी में बंगाल के कुछ छात्र संघों ने मंगलवार को नबन्ना अभियान कार्यक्रम बुलाया। दोपहर 2 बजे नबन्ना भवन के सामने इकट्ठा होने का आह्वान किया गया।  

आयोजकों ने योजना बनाई थी कि मार्च से कुछ घंटे पहले आंदोलनकारी मुख्य रूप से दो रास्तों से नबन्ना की ओर बढ़ना शुरू कर देंगे।

तय किया गया कि एक जुलूस कॉलेज स्क्वायर से ईडन गार्डन, हेस्टिंग्स होते हुए नबन्ना तक जाएगा। दूसरा जुलूस हावड़ा के संतरागाछी से कोना एक्सप्रेसवे होते हुए नबन्ना तक जाएगा। ये सभी इलाके हावड़ा और कोलकाता में ही स्थित हैं। 

पश्चिमबंग छात्र समाज नामक एक छात्र संगठन ‘नबन्ना अभियान’ रैली का नेतृत्व कर रहा है। इसमें अपंजीकृत संगठन ‘संग्रामी जौथा मंच’ के सदस्यों का भी साथ मिला हुआ है।

राज्य के सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला मंच अपने महंगाई भत्ते (डीए) को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर करने की मांग उठाता रहा है।

‘पश्चिमबंग छात्र समाज’ एक अपंजीकृत छात्र समूह है जो खुद को एक गैर-राजनीतिक संगठन बताता है। रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के परास्नातक छात्र प्रबीर दास, कल्याणी विश्वविद्यालय के शुभंकर हलदर और रवींद्र मुक्ता विश्वविद्यालय के सायन लाहिड़ी मंगलवार को बुलाए गए मार्च के प्रमुख चेहरे हैं। 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे और आरजी कर अस्पताल में एक डॉक्टर के कथित बलात्कार-हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को छात्र समाज की ‘नबन्ना अभिजन’ रैली में सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया।

कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में युवाओं को हाथों में तिरंगे और बलात्कार मामले में कार्रवाई की मांग वाले बैनर लिए सचिवालय की ओर मार्च करते देखा गया।

कोलकाता के दृश्यों से पता चला कि कई छात्रों ने उन्हें रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की।

छात्रों ने हावड़ा ब्रिज पर बनी ‘लोहे की दीवार’ भी तोड़ दी है। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया है।

साथ ही साथ पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और पश्चिम बंगाल पुलिस ने रैली के दौरान संभावित व्यवधान की आशंका व्यक्त की है, लेकिन, छात्र संगठन ने कहा कि उसकी रैली शांतिपूर्ण होगी।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने रैली को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये थे। सुबह 8 बजे से ही कोलकाता पुलिस के 6,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिए थे।

राज्य सचिवालय के पास 20 से अधिक बिंदुओं पर लोहे और एल्यूमीनियम के बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के लिए संरचनाओं पर चढ़ने और पार करने के लिए फिसलन पैदा करने के लिए बैरिकेड्स पर तेल भी लगाया था।

तमाम प्रतिबंधों की बावजूद आंदोलनकारी नबन्ना मार्च के लिए इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारी हावड़ा ब्रिज पर एकत्र हुए, पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़ गए और ‘नबन्ना अभिजन’ विरोध मार्च के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ भिड़ गए।

वे सचिवालय तक जाने वाले रास्ते में संतरागाछी इलाके में लगाए गए बैरिकेड्स को हटते हुए देखे गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और पानी की बौछारें की गईं।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में दोनों पक्ष से कई लोग घायल भी हुए हैं। हावड़ा ब्रिज युद्ध का अखाड़ा सा नजर आया।

Santosh SETH

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