West Bengal Election: AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन
पश्चिम बंगाल चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: ओवैसी की AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन, अब अकेले लड़ेगी चुनाव “
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है।
Humayun Kabir’s revelations have shown how vulnerable Bengal’s Muslims are. That AIMIM cannot associate with any statements where integrity of Muslims is brought into question. As of today, AIMIM has withdrawn its alliance with Kabir’s party. Bengal’s Muslims are one of the…
— AIMIM (@aimim_national) April 10, 2026
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने हुमायूं कबीर की ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के साथ अपना गठबंधन आधिकारिक रूप से तोड़ दिया है।
गठबंधन टूटने के साथ ही ओवैसी का बंगाल दौरा भी रद्द हो गया है। अब AIMIM राज्य में स्वतंत्र रूप से अकेले चुनाव लड़ेगी।
गठबंधन टूटने की मुख्य वजह क्या है?
बताया जा रहा है कि इस राजनीतिक दरार की पटकथा 9 अप्रैल को तब लिखी गई, जब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने हुमायूं कबीर के खिलाफ एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो के सामने आने के बाद गठबंधन को लेकर संदेह की स्थिति पैदा हो गई थी।
इसके बाद AIMIM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर गठबंधन तोड़ने का स्पष्ट कारण बताया।
पार्टी ने लिखा, “हुमायूं कबीर के खुलासों से यह जाहिर हो गया है कि बंगाल के मुसलमान कितने कमजोर हैं। AIMIM ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। आज की तारीख में, AIMIM ने कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया है।”
‘स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे चुनाव, हाशिए के लोगों की बनेंगे आवाज’
AIMIM ने बंगाल की पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। एक्स पोस्ट में कहा गया कि दशकों तक धर्मनिरपेक्ष शासन रहने के बावजूद बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं, उनके लिए कुछ नहीं किया गया।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि उनकी नीति हाशिए पर पड़े समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज देना है, इसलिए अब बंगाल चुनाव में AIMIM किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी और स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरेगी।
25 मार्च को ही हुआ था गठबंधन, कबीर ने बताया था ‘बड़ा भाई’
गौरतलब है कि यह गठबंधन बेहद अल्पकालिक रहा। महज़ कुछ दिन पहले, 25 मार्च को ही आम जनता उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर ने ओवैसी की पार्टी के साथ अलायंस की घोषणा की थी।
उस वक्त कबीर ने असदुद्दीन ओवैसी को अपना ‘बड़ा भाई’ बताते हुए दावा किया था कि यह गठबंधन बंगाल की राजनीति में एक मजबूत ‘तीसरा विकल्प’ बनेगा। लेकिन अब यह राजनीतिक समीकरण चुनाव से पहले ही बिखर गया है।











