वाराणसी में झमाझम बारिश से जलभराव, 12वीं तक के सभी स्कूल बंद
वाराणसी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: लहरतारा-चांदपुर में भीषण जलभराव, 12वीं तक के सभी स्कूल बंद; काशी में बढ़ी सिहरन”
वाराणसी: द पॉलिटिक्स अगेन : दीपू हिन्दू की रिपोर्ट
धर्मनगरी काशी में शनिवार की सुबह से ही आसमान में काले बादलों ने डेरा जमाए रखा और दोपहर होते-होते झमाझम बारिश शुरू हो गई।
अचानक हुई इस मूसलाधार बारिश से शहर की रफ्तार थम गई और कई निचले इलाकों में भीषण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
विशेष रूप से लहरतारा, चांदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में जोरदार बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चक्रवात और हिमालयी बर्फबारी का असर, 61 किमी/घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ओडिशा में आए चक्रवात और हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी का सीधा असर अब वाराणसी और आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है।
पिछले तीन दिनों से काशी के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। रुक-रुक कर हो रही रिमझिम और झमाझम बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे सितंबर के अंत में ही लोगों को गुलाबी ठंड और सिहरन का अहसास होने लगा है।
इससे पहले शुक्रवार को जिले में 61 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से पुरवा हवाएं चली थीं, जिसने मौसम में ठंडक और बढ़ा दी है।
दो दिनों का भारी अलर्ट: 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी
मौसम विभाग (IMD) द्वारा अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
छात्रों की सुरक्षा और जलभराव की समस्या को देखते हुए वाराणसी में कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की ओर से शुक्रवार देर रात ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए थे।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतें और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।











