पटना में NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर राजभवन मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
पटना की सड़कों पर संग्राम: NEET धांधली पर उग्र हुए छात्र, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; BJP ने बताया कांग्रेस की साजिश”
पटना: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुए पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में धांधली को लेकर सोमवार को बिहार की राजधानी पटना की सड़कें रणक्षेत्र में तब्दील हो गईं।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जब राजभवन की ओर कूच किया, तो डाकबंगला चौराहे पर पुलिस के साथ उनकी भारी झड़प हो गई।
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार) और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। वहीं, दूसरी ओर इस बवाल के बीच भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भी भिड़ंत की खबर है।
जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन के बाद अचानक सैंकड़ों छात्र डाकबंगला चौराहे पर पहुंच गए और राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे।
पटना पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की और वाटर कैनन के साथ जवानों को तैनात कर दिया।
प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई और भीड़ उग्र हो गई।
इसी बीच कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया और पटना आईजी (IG) की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी हमला कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की तेज बौछार की।
पटना आईजी ने शांति व्यवस्था भंग करने वाले प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में लेने के सख्त आदेश दिए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तुरंत इस्तीफा दें।
NEET पेपर लीक मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई हो।
शिक्षा में भ्रष्टाचार और निजीकरण पर तुरंत रोक लगाई जाए।
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन।
विश्वविद्यालयों में 7.5 CGPA की अनिवार्यता समाप्त की जाए और फीस वृद्धि वापस ली जाए।
नॉन-नेट (Non-NET) फेलोशिप लागू की जाए और पटना विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बरकरार रखी जाए।
छात्रों के प्रदर्शन के समानांतर, पटना में राजनीतिक बवाल भी देखने को मिला। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल, दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता आज पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर पैदल मार्च करते हुए विरोध जताने पहुंचे थे।
भाजपा का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लाठी-डंडों और पत्थरों से उन पर हमला कर दिया।
बीजेपी नेताओं ने दावा किया है कि यह सब पूरी तरह से ‘सुनियोजित’ था। कांग्रेस एक गहरी साजिश के तहत दिल्ली के साथ-साथ अब पटना का माहौल भी खराब करना चाहती है।
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