मुंबई: बांद्रा में अतिक्रमण हटाने पर हिंसा, पुलिस पर पथराव
मुंबई: बांद्रा में अवैध मस्जिद और अतिक्रमण हटाने पर भड़की हिंसा, पुलिस पर भारी पथराव; घर-घर से खोजे जा रहे उपद्रवी”
मुंबई: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बांद्रा इलाके (गरीब नगर) में रेलवे की बेशकीमती जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के दौरान भारी बवाल हो गया।
बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) के सख्त आदेश पर जब रेलवे की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद और अन्य निर्माणों पर बुलडोजर चला,
तो स्थानीय लोगों ने उग्र रूप ले लिया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल, घर-घर से पकड़े जा रहे पत्थरबाज
ताजा जानकारी के मुताबिक, इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती की गई है।
कैसे भड़की हिंसा? पुलिस के अनुसार, बुलडोजर एक्शन के दौरान 50 से 60 की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।
पुलिस उन्हें शांति से समझा रही थी, लेकिन भीड़ ने अचानक पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
पुलिस का सख्त एक्शन: पत्थरबाजी करने वालों के चेहरे वीडियो और तस्वीरों के जरिए चिह्नित कर लिए गए हैं। पुलिस अब पत्थरबाजों को घर-घर जाकर ढूंढ रही है।
ताजा जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर हो रहा है ‘बुलडोजर एक्शन’
वेस्टर्न रेलवे (Western Railway) के CPRO विनीत अभिषेक ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कार्रवाई हाई कोर्ट के सख्त आदेश पर की जा रही है, जिसमें सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया है।
बांद्रा रेलवे स्टेशन के आसपास ‘गरीब नगर’ में रेलवे की लगभग 5,000 वर्ग मीटर ज़मीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया था।
यहां करीब 500 अवैध निर्माणों पर मंगलवार से ही बुलडोजर चल रहा है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF), मुंबई पुलिस और नगर निगम (BMC) के अधिकारी मिलकर इस संयुक्त अभियान को चला रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब ‘आखिरी उपाय’ के तौर पर यह विध्वंस अभियान शुरू करना पड़ा।
रेलवे की सुरक्षा और विकास के लिए जमीन जरूरी
इस बीच, पश्चिमी रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह ज़मीन रेलवे के आगामी विकास कार्यों के लिए बहुत ज़रूरी है।
अधिकारियों का कहना है कि पटरियों और स्टेशन के बिल्कुल करीब बने ये अवैध अतिक्रमण रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं। इसलिए, विरोध के बावजूद अतिक्रमण हटाने का यह अभियान जारी रहेगा।
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