Uttar Pradesh

UP MLC चुनाव: शिक्षक संगठनों का सूपड़ा साफ, 5 दशक का वर्चस्व खत्म

यूपी MLC चुनाव: शिक्षकों के चुनाव में ही ‘शिक्षक संगठनों’ का सूपड़ा साफ, 5 दशक से चला आ रहा वर्चस्व खत्म”

The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ 

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर हुए चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है।

शिक्षकों के प्रतिनिधित्व के लिए बनी खंड शिक्षक सीटों पर शिक्षकों का नेतृत्व करने का दावा करने वाले तमाम शिक्षक संगठनों का पूरी तरह से डब्बा गोल हो गया है। प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक नामों से चल रहे शिक्षक गुटों का एक भी प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सका।

हालत यह रही कि एक सीट को छोड़कर किसी भी सीट पर शिक्षक संगठन का उम्मीदवार दूसरे नंबर की लड़ाई में भी नहीं टिक पाया। राजनीतिक दलों की सीधी एंट्री ने शिक्षक गुटों के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

शर्मा गुट का 48 साल का दबदबा खत्म

उत्तर प्रदेश के उच्च सदन में लगभग पांच दशक तक ओमप्रकाश शर्मा के नेतृत्व वाले शर्मा गुट का एकछत्र राज था, जो इस चुनाव में शून्य हो गया।

चुनाव से ठीक पहले शर्मा गुट का प्रतिनिधित्व करने वाले ध्रुव कुमार त्रिपाठी (गोरखपुर-फैजाबाद) और संघ के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा (वाराणसी) भाजपा में शामिल होकर उसके प्रत्याशी बन गए (हालांकि प्रमोद मिश्रा चुनाव हार गए, उन्हें 6060 वोट मिले)।

शर्मा गुट ने मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, आगरा व लखनऊ सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन सब जगह हार मिली।

संगठन के मेरठ से प्रत्याशी डॉ. सुशील कुमार पुंडीर को मात्र 1579 और लखनऊ खंड शिक्षक से प्रत्याशी जगजीवन प्रसाद शुक्ला को केवल 1279 मत मिले।

चंदेल, एकजुट और पांडेय गुट का भी बुरा हाल

विभिन्न शिक्षक गुटों के प्रदेश अध्यक्षों को मतदाताओं ने सिरे से नकार दिया:

  • चंदेल गुट: 6 सीटों पर किस्मत आजमाई। प्रदेश अध्यक्ष चेतनारायण सिंह वाराणसी से लड़े, लेकिन उन्हें मात्र 3,471 वोट मिले।

  • एकजुट गुट: प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा लखनऊ सीट से मैदान में थे, जिन्हें केवल 1,940 वोट मिले।

  • आगरा में रणविजय सिंह रेस से बाहर रहे। हालांकि, इस गुट के महामंत्री राजीव यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर निर्दलीय लड़ते हुए 14,580 वोट पाकर कांटे की टक्कर दी, लेकिन जीत नहीं सके।

  • पांडेय गुट: प्रदेश अध्यक्ष जीतेंद्र कुमार पटेल वाराणसी सीट से लड़े और उन्हें मात्र 1,088 वोट मिले।

  • संगठन ने लखनऊ और गोरखपुर-फैजाबाद में भी चुनाव लड़ा, लेकिन कहीं लड़ाई में नहीं दिखा।

सदन में अब सिर्फ एक शिक्षक प्रतिनिधि बचा

राजनीतिक दलों (भाजपा और सपा) के कब्जे के बाद अब विधान परिषद में शिक्षक संगठनों के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में राजबहादुर सिंह चंदेल ही बचे हैं।

वह कानपुर-उन्नाव खंड शिक्षक सीट से एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल फरवरी 2029 तक है। पहले सदन में आधा दर्जन से अधिक प्रतिनिधि शिक्षक संगठनों के होते थे।

वर्तमान में जीते ध्रुव कुमार त्रिपाठी और डॉ. आकाश अग्रवाल भी मूलतः शिक्षक संगठनों से जुड़े थे, लेकिन वे इस बार क्रमशः भाजपा और सपा के बैनर तले चुनाव जीतकर सदन पहुंचे हैं।

राजीव यादव हुए भावुक, शर्मा गुट ने जताई चिंता

चुनाव में मिली इस ऐतिहासिक हार पर शिक्षक नेताओं में भारी निराशा है। शर्मा गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आरपी मिश्रा ने कहा, “2020 से शिक्षक सीटों पर राजनीतिक दल आना शुरू हुए।

आज स्थिति यह है कि शिक्षकों की आवाज उठाने के लिए सदन में हमें कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।”

वहीं, गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर हार के बाद एकजुट गुट के महामंत्री राजीव यादव ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा, “स्वर्गीय बाबू मांधाता सिंह, आरएन ठकुराई, महेश्वर पांडेय, ओम प्रकाश शर्मा जी, हमें क्षमा कर दीजिए।

आपकी विरासत को बचाने में हम नाकाम रहे। यह सिर्फ संगठन का पतन नहीं, आपके संघर्षों की विरासत का बिखरना है।”

(नोट: लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन में शिक्षक-कर्मचारियों (अटेवा) के नेता विजय कुमार बंधु भी मैदान में उतरे थे, जो 10,832 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे।)

यूपी MLC चुनाव: शिक्षक संगठनों का ‘फ्लॉप शो’

शिक्षक गुट (Teacher Faction)

प्रमुख प्रत्याशी / नेता

चुनाव क्षेत्र (Constituency)

प्राप्त मत / स्थिति (Votes/Status)

शर्मा गुट

डॉ. सुशील कुमार पुंडीर

मेरठ खंड शिक्षक

1,579 मत (हारे)

शर्मा गुट

जगजीवन प्रसाद शुक्ला

लखनऊ खंड शिक्षक

1,279 मत (हारे)

चंदेल गुट

चेतनारायण सिंह (प्रदेश अध्यक्ष)

वाराणसी खंड शिक्षक

3,471 मत (हारे)

पांडेय गुट

जीतेंद्र कुमार पटेल (प्रदेश अध्यक्ष)

वाराणसी खंड शिक्षक

1,088 मत (हारे)

एकजुट गुट

सोहन लाल वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष)

लखनऊ खंड शिक्षक

1,940 मत (हारे)

एकजुट गुट

राजीव यादव (महामंत्री)

गोरखपुर-फैजाबाद

14,580 मत (कांटे की टक्कर में हारे)

निर्दलीय समूह (संरक्षक)

राजबहादुर सिंह चंदेल

कानपुर-उन्नाव

सदन में बचे एकमात्र शिक्षक प्रतिनिधि (कार्यकाल 2029 तक)

Santosh SETH

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