वंदे मातरम बिल हुआ पास, लाल किले पर गूंजेगा राष्ट्रगीत; राजनीति गरमाई
राष्ट्रपति ने दी ‘वंदे मातरम बिल’ को मंजूरी, लाल किले पर गूंजेगा पूरा राष्ट्रगीत; महाराष्ट्र में गरमाई राजनीति”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वंदे मातरम बिल’ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इस नए कानून के लागू होने के बाद, अब देश के हर नागरिक को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का भी उसी तरह अनिवार्य रूप से सम्मान करना होगा, जिस प्रकार राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ का किया जाता है।
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, अब सभी सरकारी कार्यक्रमों में जन-गण-मन के साथ वंदे मातरम का गायन भी अनिवार्य होगा।
लाल किले पर होगा ऐतिहासिक गायन, हेलिकॉप्टर से बरसेंगे फूल
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आकर्षण ‘वंदे मातरम’ ही होगा। सरकार ने बताया है कि इस साल वंदे मातरम गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इसलिए इस बार स्वतंत्रता दिवस की थीम भी इसी पर आधारित रखी गई है।
- पीएम के भाषण से पहले गायन: लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले वंदे मातरम के पूरे 6 स्टेंजा (पद) गाए जाएंगे।
- हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा: जब यह गीत पहली बार लाल किले पर इस भव्य रूप में गाया जाएगा, तब भारतीय वायुसेना (IAF) का MI-17 हेलिकॉप्टर आसमान से लोगों पर फूलों की बारिश करेगा। इस हेलिकॉप्टर पर विशेष रूप से ‘वंदे मातरम’ का एक विशाल बैनर भी लगा होगा।
महाराष्ट्र में गरमाई राजनीति: आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
एक तरफ सरकार की तैयारियां जोरों पर हैं, तो दूसरी तरफ इस बिल को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। सबसे अधिक विवाद महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है।
- विपक्ष का आरोप: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार जबरन यह बिल थोप कर मुसलमानों को परेशान करना चाहती है और इसके पीछे देशप्रेम नहीं, बल्कि भाजपा का धार्मिक एजेंडा (रिलिजियस एजेंडा) छिपा है।
- शिंदे और ठाकरे आमने-सामने: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोगों को राष्ट्रगीत में भी धर्म नजर आता है, उन्हें मजहबी चश्मा उतारकर देशहित में सोचना चाहिए।
- इसके जवाब में आदित्य ठाकरे ने शिंदे पर तंज कसते हुए कहा कि यदि यह बिल इतना ही महत्वपूर्ण था, तो संसद में इसके पारित होने के दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सदन से नदारद क्यों थे?
मदरसों की फंडिंग रोकने के नीतेश राणे के बयान पर बवाल
विवाद उस समय और गहरा गया जब कुछ मुस्लिम संगठनों ने यह ऐलान किया कि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता, इसलिए मदरसों में वंदे मातरम नहीं गाया जाएगा।
इस पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतेश राणे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जिन मदरसों को वंदे मातरम गाने से परहेज है, उनकी सरकारी फंडिंग तुरंत रोक देनी चाहिए।”
राणे के इस विवादित बयान पर महाविकास अघाड़ी (MVA) ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता नसीम खान ने हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा का देशप्रेम केवल एक दिखावा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच भाजपा के खिलाफ भारी नाराजगी है, और लोगों का ध्यान बुनियादी मुद्दों से भटकाने के लिए ही वंदे मातरम का मुद्दा उछाला गया है।











