वाल्मीकि जयंती: CM योगी ने लिखी ‘पाती’, समरसता का दिया संदेश
वाल्मीकि जयंती पर CM योगी की ‘पाती’: रामराज्य और समरसता का दिया संदेश, वंचितों के उत्थान पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को एक विशेष ‘पाती’ (पत्र) लिखकर शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनकी अमर कृति ‘रामायण’ को सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत बताया।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, सामाजिक समरसता, न्याय एवं मानवता के उद्घोषक आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की पावन जयंती पर आप सभी को हृदय से बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। महर्षि वाल्मीकि जी ने अपनी अमर कृति रामायण के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का जो संदेश दिया है, वह युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा। रामराज्य की परिकल्पना भी प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर आधारित है। आज उत्तर प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि जी के इन्हीं आदर्शों को आत्मसात कर समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान में जुटी है। महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर मैं आप सभी युवाओं से विशेष रूप से कहना चाहूंगा कि युवा ऊर्जा के प्रेरणा पुंज भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए यह संकल्प लें कि किसी प्रकार का भेदभाव नहीं मानेंगे। जब मन से ऊंच-नीच की दीवारें टूटेंगी, तभी समरस समाज का स्वप्न साकार होगा। जय श्रीराम!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 26, 2026
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती पर घोषित सार्वजनिक अवकाश उनके प्रति प्रदेश सरकार के गहरे सम्मान का प्रतीक है।
रामराज्य की परिकल्पना और सामाजिक समरसता
सीएम योगी ने अपने पत्र में भगवान श्रीराम और निषादराज की मित्रता का विशेष उल्लेख किया।
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आदर्श समाज: उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र एक ऐसे आदर्श समाज (रामराज्य) की स्थापना करता है, जहां प्रेम, न्याय और बंधुत्व सर्वोपरि हो।
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समानता का भाव: सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर आत्मीयता और समानता का भाव ही समाज को एकजुट रख सकता है।
वाल्मीकि धरोहरों का संरक्षण और पर्यटन विकास
प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को धरातल पर उतारने के लिए उनके साधना स्थलों का तेजी से विकास कर रही है:
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चित्रकूट और बिठूर: चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि के साधना स्थल और बिठूर में उनके आश्रम का पर्यटन विकास व संरक्षण किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके।
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अयोध्या एयरपोर्ट: अयोध्या के नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ‘महर्षि वाल्मीकि’ के नाम पर रखा गया है, जो उनकी विरासत को वैश्विक पहचान दिला रहा है।
अंतिम पायदान के व्यक्ति का उत्थान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को तभी साकार माना जाएगा, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा मिले।
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वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ना: सरकार वनटांगिया समाज के गांवों को ‘राजस्व ग्राम’ का दर्जा दे चुकी है।
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कल्याणकारी योजनाएं: मुसहर, कोल, थारू और घुमंतू समुदायों तक आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।
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साथ ही, पात्र परिवारों को भूमिधरी अधिकार (जमीन का मालिकाना हक) देकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जा रहा है। स्वच्छताकर्मियों के कल्याण के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाएं और मन से ऊंच-नीच व भेदभाव की दीवारों को गिराकर एक समरस समाज के निर्माण का संकल्प लें।
📊 CM योगी का संदेश और सरकार के कदम
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महत्वपूर्ण क्षेत्र (Key Focus Areas) |
सरकार के कार्य एवं उपलब्धियां (Government Initiatives) |
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🏛️ धरोहरों का विकास |
चित्रकूट साधना स्थल और बिठूर में वाल्मीकि आश्रम का पर्यटन व संरक्षण कार्य। |
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✈️ वैश्विक पहचान |
अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ‘महर्षि वाल्मीकि’ के नाम पर रखा गया। |
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🏘️ वंचित समाज का उत्थान |
वनटांगिया गांवों को ‘राजस्व ग्राम’ का दर्जा; मुसहर, कोल, थारू को आवास व स्वास्थ्य लाभ। |
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📜 भूमि अधिकार |
वंचित समाज के पात्र परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए ‘भूमिधरी अधिकार’। |
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🧹 स्वच्छताकर्मियों का सम्मान |
स्वच्छताकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए विशेष योजनाएं। |
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🤝 युवाओं से अपील |
ऊंच-नीच का भेद मिटाकर सामाजिक समरसता और समानता स्थापित करने का आह्वान। |











