5 महीने पहले बने 11 करोड़ फार्मर आईडी, किसानों को मिला सुरक्षा कवच
ऐतिहासिक उपलब्धि: PM मोदी का संकल्प हुआ साकार, 11 करोड़ किसानों को मिला ‘फार्मर आईडी’ का सुरक्षा कवच”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश के कृषि क्षेत्र में एक नए डिजिटल युग का सूत्रपात हो गया है। केंद्र सरकार ने निर्धारित समय से पांच महीने पहले ही 11 करोड़ ‘फार्मर आईडी’ (किसान विशिष्ट डिजिटल पहचान) तैयार करने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर लिया है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-समृद्ध किसान’ विजन की एक बड़ी जीत बताया है।
‘डिजिटल कृषि मिशन’ के तहत मिली यह सफलता किसानों को बिना किसी कागजी दौड़-धूप के सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
तय समय से 5 महीने पहले रचा गया इतिहास
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि 23 अक्टूबर 2026 की रात तक देश में 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
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लक्ष्य और प्राप्ति: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्य के लिए 31 मार्च 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे कृषि मंत्रालय, राज्य सरकारों और मैदानी अधिकारियों के प्रयासों से 5 महीने पहले ही हासिल कर लिया गया।
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श्री चौहान ने कहा, “आज का दिन भारतीय खेती और किसानों के लिए ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर किसान की समृद्धि सुनिश्चित की जाए।”
कागजी झंझटों से मुक्ति, पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत
फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को हर छोटी-बड़ी योजना के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों या बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे निम्नलिखित प्रमुख लाभ होंगे:
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बैंक ऋण और KCC: ऋण प्रक्रिया सुगम होगी और बार-बार दस्तावेजी सत्यापन की आवश्यकता खत्म हो जाएगी।
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फसल बीमा (PMFBY): प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में मुआवजे का आंकलन और भुगतान पारदर्शी तरीके से सीधे खाते में होगा।
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आपदा राहत: संकट के समय राहत सहायता सीधे वास्तविक और पात्र किसानों तक तुरंत पहुंचेगी।
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फसल उपार्जन (MSP): न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, जिससे किसानों को उपज का पूरा मूल्य मिलेगा।
6 करोड़ से अधिक किसानों को मिल चुका है सीधा लाभ
2 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शुरू किए गए ‘डिजिटल कृषि मिशन’ का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
फार्मर आईडी आधारित इस सेवा वितरण प्रणाली (Digital Public Infrastructure – DPI) के जरिए अब तक देश के 6 करोड़ से अधिक किसानों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा चुका है। सत्यापित डेटाबेस होने से फर्जीवाड़े और दोहरे सत्यापन की समस्या पूरी तरह समाप्त हो रही है।
सहकारी संघवाद की अनूठी मिसाल
कृषि मंत्री ने इस सफलता को ‘सहकारी संघवाद’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए केंद्र, राज्य सरकारों और गांव-गांव में काम कर रहे मैदानी कर्मचारियों को बधाई दी।
उन्होंने बताया कि राज्यों द्वारा बटाईदार किसानों और वास्तविक जोतदारों को भी नियमों के अनुसार इस डिजिटल मंच से जोड़ने के विशेष कदम उठाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे।
📊 फार्मर आईडी महाभियान (एक नज़र में)
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महत्वपूर्ण पहलू (Key Highlights) |
विस्तृत विवरण (Details) |
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🎯 कुल फार्मर आईडी |
11 करोड़ (किसान विशिष्ट डिजिटल पहचान)। |
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⏳ लक्ष्य की प्राप्ति |
तय समय (31 मार्च 2027) से 5 महीने पहले (23 अक्टूबर 2026)। |
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🚀 मुख्य योजना |
डिजिटल कृषि मिशन (Digital Agriculture Mission)। |
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✅ प्रमुख लाभ |
कागजी कार्रवाई से मुक्ति, आसान KCC, पारदर्शी MSP खरीद और सीधा फसल बीमा भुगतान। |
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👥 अब तक लाभान्वित |
सिस्टम के जरिए 6 करोड़ से अधिक किसानों को योजनाओं का सीधा लाभ। |
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🤝 प्रशासन का सिद्धांत |
‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (Minimum Government, Maximum Governance)। |











