उत्तर प्रदेश विधानसभा में 10 राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा और सपा के बीच सियासी बिसात बिछ चुकी है, जहां 8वीं और तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है।
यूपी राज्यसभा चुनाव 2026: 10 सीटों पर दिलचस्प हुआ मुकाबला; BJP के 8वें और SP के तीसरे उम्मीदवार से फंसा पेंच, समझें विधानसभा का पूरा अंकगणित”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 रिक्त सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है।
विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत एनडीए की सात सीटों पर जीत तय मानी जा रही थी,
लेकिन पार्टी ने 8 प्रत्याशी मैदान में उतारकर मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) भी अपने दो सुरक्षित प्रत्याशियों के साथ-साथ तीसरे उम्मीदवार को उतारने की तैयारी में है।
ऐसे में 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग और जोड़-तोड़ की पूरी संभावना बन गई है।
सभी आठों भाजपा उम्मीदवार आज सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में लखनऊ स्थित विधानभवन में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
हालिया रिक्तियों के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा प्रभावी सदस्य संख्या 397 है। ‘सिंगल ट्रांसफरेबल वोट’ (STV) प्रणाली के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए प्रथम वरीयता के 37 वोटों की आवश्यकता होगी:
एनडीए की स्थिति: भाजपा (लगभग 255 विधायक) और उसके सहयोगी दलों (अपना दल-एस, रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी) को मिलाकर एनडीए के पास 280 से 290 से अधिक विधायकों का समर्थन है।
इस संख्याबल के दम पर एनडीए अपने सात उम्मीदवारों को आसानी से जिता सकता है। हालांकि, अपने आठवें प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा को 6 से 7 अतिरिक्त वोटों की दरकार होगी।
सपा गठबंधन की स्थिति: समाजवादी पार्टी के पास अपने 100-101 विधायक (जिसमें बागी विधायक भी शामिल हैं) और कांग्रेस के 2 विधायकों का समर्थन है।
इस आधार पर सपा के दो प्रत्याशियों (प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी) की जीत सुनिश्चित है।
तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए पार्टी को लगभग 10 से 12 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी, जिसके लिए सपा की नजर रालोद और सुभासपा के असंतुष्ट विधायकों पर टिकी है।
आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपनी सूची में व्यापक सामाजिक संतुलन (सोशल इंजीनियरिंग) साधने का प्रयास किया है।
पार्टी ने 3 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 3 सामान्य और 2 अनुसूचित जाति (SC) के प्रत्याशियों को टिकट दिया है:
ओबीसी (OBC): योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह (लोध – पश्चिम यूपी), प्रदेश ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल (पाल/गड़रिया – कानपुर/बुंदेलखंड), और श्रुति गंगवार (कुर्मी – रूहेलखंड)।
सामान्य वर्ग: उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा (ब्राह्मण – प्रयागराज), संगठन नेता गोपी कृष्ण पाण्डेय (ब्राह्मण – पूर्वांचल), और पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह चौहान (ठाकुर – ब्रज क्षेत्र)।
दलित (SC): पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर (पूर्वांचल) और पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत (अवध/बाराबंकी)।
इस सूची का सबसे चर्चित पहलू पुराने और कद्दावर चेहरों की अनुपस्थिति रहा। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया गया है।
इसके अलावा मौजूदा सांसदों में नीरज शेखर, अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, बृजलाल और गीता शाक्य का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला है।
राजनीतिक विश्लेषक इसे केंद्र सरकार और भाजपा के केंद्रीय संगठन में संभावित फेरबदल के रूप में देख रहे हैं।
| विवरण / समीकरण | मुख्य आंकड़े एवं तथ्य |
| कुल रिक्त सीटें | 10 सीटें |
| विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या | 397 विधायक |
| जीत के लिए न्यूनतम कोटा | 37 वोट (प्रथम वरीयता) |
| एनडीए (NDA) का संख्याबल | 280 – 290+ विधायक (7 सीटें सुरक्षित, 8वें के लिए ~6 वोटों की जरूरत) |
| सपा + कांग्रेस का संख्याबल | ~102-103 विधायक (2 सीटें सुरक्षित, 3रे के लिए ~10-12 वोटों की जरूरत) |
| भाजपा प्रत्याशी (8) | धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार (OBC); राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पाण्डेय, राम प्रताप चौहान (GEN); विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत (SC) |
| सपा के तय प्रत्याशी (2) | प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी |
| मतदान एवं परिणाम तिथि | 16 अक्टूबर 2026 |
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