फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन पर हमला कर विमान को इजरायल में क्रैश करने की साजिश रचने वाले कट्टरपंथी सह-पायलट की कहानी ने एविएशन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फ्लाईदुबई विमान में हमले की इनसाइड स्टोरी: कॉकपिट में छिपा था कट्टरपंथी, इजरायल था निशाना, सीरिया से जुड़े हैं तार”
दुबई/तेल अवीव: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
दुबई से तेल अवीव (इजरायल) जा रही ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की उड़ान में हुए खौफनाक हमले की जांच में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिन्होंने दुनियाभर की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
जांच में पता चला है कि इस हमले को अंजाम देने वाला सह-पायलट (Co-Pilot) हमाम अल-हमामी कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि एक गहरी वैचारिक कट्टरता से प्रेरित शख्स था।
उसने न केवल विमान के भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया, बल्कि उसका अंतिम लक्ष्य विमान को इजरायल के ‘बेन गुरियन हवाई अड्डे’ (Ben Gurion Airport) पर दुर्घटनाग्रस्त करना था।
हमाम अल-हमामी की पृष्ठभूमि, उसका सीरिया कनेक्शन और कई विमानन कंपनियों में नौकरी पाने का तरीका पूरी दुनिया के ‘एविएशन सिक्योरिटी प्रोटोकॉल’ (Aviation Security Protocol) पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
इजरायली और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, हमाम अल-हमामी ने ‘फ्लाईदुबई’ में नौकरी केवल इसलिए चुनी क्योंकि इस कंपनी की उड़ानें तेल अवीव जाती थीं।
पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वह जानबूझकर इजरायल को निशाना बनाना चाहता था।
इससे पहले जून में भी उसने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर जाकर वहां की गतिविधियों की रेकी (Reece) की थी। जुलाई में भी उसने हमले की योजना बनाई थी, लेकिन उड़ान में एक परिचित के मौजूद होने के कारण उसे अंतिम समय में टाल दिया था।
अंततः 30 सितंबर को उसने अपने खतरनाक मिशन को अंजाम दिया, जब उसने हवा में विमान को क्रैश करने की कोशिश की, जिसे क्रू और यात्रियों ने किसी तरह नाकाम कर दिया।
हमाम की वैचारिक पृष्ठभूमि की जांच से पता चलता है कि वह पहले ओमान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी (Oman Air) में काम करता था।
वर्ष 2024 में उसके पास से कुछ संदिग्ध ‘चरमपंथी सामग्री’ मिली थी, जिसके बाद ओमान एयरलाइंस ने सुरक्षा चिंताओं के कारण उसे उड़ान ड्यूटी (Flying Duty) से हटाकर डेस्क जॉब (प्रशासनिक काम) पर लगा दिया था।
फरवरी 2025 में ओमान की नौकरी छोड़ने के बाद वह मोरक्को की ‘रॉयल एयर मैरोक’ (Royal Air Maroc) से जुड़ा, लेकिन वहां भी वह सिर्फ तीन महीने की ट्रेनिंग कर सका और उसे नौकरी नहीं मिली।
इसके बाद जनवरी 2026 में वह ‘फ्लाईदुबई’ से जुड़ा और प्रथम अधिकारी (First Officer) बन गया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस पायलट को पहले ही कट्टरपंथी विचारों के कारण उड़ान से हटाया जा चुका था, उसे दूसरी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में कॉकपिट की जिम्मेदारी कैसे मिल गई?
हमाम का जन्म यूएई (UAE) में एक ओमानी पिता और सीरियाई मां के घर हुआ था। जांचकर्ताओं का मानना है कि वर्ष 2011 से 2017 के बीच वह संभवतः सीरिया (Syria) में था।
यही वह समय था जब सीरिया में गृहयुद्ध और आईएसआईएस (ISIS) का चरम था। माना जा रहा है कि इसी दौर में उसके भीतर चरमपंथी विचारधारा का बीज बोया गया।
हमाम के हटाए गए सोशल मीडिया अकाउंट्स (जिन्हें रिकवर किया गया है) से अल-कायदा से जुड़े आतंकियों की तस्वीरें, इजरायली विमानों की तस्वीरें और स्त्री-विरोधी (Misogynistic) कट्टर पोस्ट्स बरामद हुए हैं।
उसने मक्का, मदीना और यरुशलम को जोड़ते हुए ‘मौत से न डरने’ का संदेश भी पोस्ट किया था।
इस घटना ने इजरायल के अभेद्य माने जाने वाले सुरक्षा तंत्र की पोल भी खोल दी है। इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उनके सुरक्षा प्रोटोकॉल में यात्रियों की तो कड़ी जांच होती है,
लेकिन “विदेशी विमान के चालक दल (क्रू) के नामों की जांच या पायलट की वैचारिक पृष्ठभूमि का सत्यापन उनकी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।” यह चूक एविएशन सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा सबक बन गई है।
| समयावधि / पहलू | महत्वपूर्ण जानकारी |
| जन्म और पृष्ठभूमि | जन्म: यूएई। पिता: ओमानी, मां: सीरियाई। |
| 2011 – 2017 (संदिग्ध दौर) | संभवतः सीरिया में निवास, कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने की आशंका। |
| 2018 – 2025 (ओमान एयर) | 7 साल काम किया। 2024 में ‘चरमपंथी सामग्री’ मिलने पर उड़ान ड्यूटी से हटाया गया। |
| जून 2025 (रॉयल एयर मैरोक) | 3 महीने का प्रशिक्षण लिया, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई। |
| जनवरी 2026 (फ्लाईदुबई) | प्रथम अधिकारी (First Officer) के रूप में जुड़ा, तेल अवीव की उड़ान चुनी। |
| हमले का दिन (30 सितंबर) | हवा में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला, विमान क्रैश करने की कोशिश। |
| हमले का लक्ष्य | इजरायल का ‘बेन गुरियन हवाई अड्डा’ (Ben Gurion Airport)। |
| सोशल मीडिया के सुराग | अल-कायदा की तस्वीरें, स्त्री-विरोधी और मौत से न डरने वाले चरमपंथी संदेश। |
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