यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सुरक्षा जांच और अभ्यर्थियों की भीड़
यूपी पुलिस महापरीक्षा आज से: 32,679 पदों के लिए मैदान में 25 लाख अभ्यर्थी; महिलाओं को गृह मंडल में सेंटर, जानें प्रवेश के कड़े नियम”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही (नागरिक पुलिस) और समकक्ष 32,679 पदों पर सीधी भर्ती के लिए बहुप्रतीक्षित लिखित परीक्षा आज (सोमवार) से शुरू हो रही है।
‘The Politics Again’ की रोजगार और एजुकेशन डेस्क के अनुसार, सोमवार से बुधवार तक चलने वाली इस परीक्षा में करीब 25 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और नकल विहीन बनाने के लिए यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं, महिला अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं।
📊 परीक्षा के प्रमुख आंकड़े
कुल पद: 32,679 (सिपाही नागरिक पुलिस व समकक्ष)
परीक्षा की अवधि: सोमवार से बुधवार (रोजाना दो पालियों में)
अनुमानित उपस्थिति: लगभग 25 लाख अभ्यर्थी
एडमिट कार्ड: अब तक 16 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं।
🚨 सुरक्षा चक्र: बिना ‘आइरिस स्कैन’ नहीं मिलेगी एंट्री
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष (डीजी) एसबी शिरडकर ने बताया कि परीक्षा के सकुशल आयोजन के लिए सभी नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। रविवार शाम से ही परीक्षा केंद्रों को पुलिस बल ने अपने घेरे में ले लिया है।
हाईटेक चेकिंग: अभ्यर्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
आधार और ई-केवाईसी: केंद्र पर आधार कार्ड का सत्यापन और ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य है।
आइरिस स्कैनिंग: बायोमेट्रिक और आइरिस (आंखों की पुतली) जांच पास करने के बाद ही परीक्षा हॉल में जाने की अनुमति मिलेगी।
एसटीएफ की पैनी नजर: स्थानीय पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ (STF) भी संदिग्धों और सॉल्वर गैंग पर नजर रखने के लिए मुस्तैद है।
👗 ड्रेस कोड: जूते पर पाबंदी, चप्पल पहनकर आना अनिवार्य
समय बचाने और चेकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भर्ती बोर्ड ने ड्रेस कोड लागू किया है:
सभी अभ्यर्थियों को जूते के बजाय चप्पल पहनकर परीक्षा केंद्र पर आना होगा।
धार्मिक चिन्हों की छूट: अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान कलावा (रक्षासूत्र), मंगलसूत्र और अन्य पारंपरिक धार्मिक चिन्ह पहनने की पूरी छूट रहेगी। चेकिंग के दौरान इन्हें उतारने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
👩🦰 महिला अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत
इस महापरीक्षा में शामिल होने वाली लाखों महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर भर्ती बोर्ड ने विशेष फैसले लिए हैं:
गृह मंडल में सेंटर: महिलाओं को यातायात और ठहरने की समस्या से बचाने के लिए उनके परीक्षा केंद्र उनके ही ‘गृह जनपद के मंडल’ (Home Division) वाले जिलों में आवंटित किए गए हैं।
महिला पुलिस की तैनाती: महिला अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग (Frisking) और सहायता के लिए प्रत्येक केंद्र पर बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असहजता न हो।
प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
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