उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आधी आबादी को लुभाने के लिए सियासी जंग तेज हो गई है। भाजपा जहां 50 हजार रुपये देने की योजना बना रही है, वहीं सपा ने 40 हजार रुपये से शुरुआत करने का बड़ा ऐलान किया है।
यूपी चुनाव से पहले ‘आधी आबादी’ पर दांव: योगी सरकार का महिलाओं को ₹50,000 देने का प्लान, अखिलेश का 96:4 वाला तंज”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। चुनाव से पहले आधी आबादी यानी महिला वोट बैंक को साधने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ‘आर्थिक मदद’ की होड़ शुरू हो गई है।
एक ओर जहां योगी सरकार महिलाओं के लिए 50,000 रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता योजना पर विचार कर रही है,
वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए अपना 40,000 रुपये का काउंटर-प्लान पेश कर दिया है।
‘जेन-ज़ी’ (Gen-Z) मूवमेंट और महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई योजना का खाका तैयार कर रही है।
महिला कल्याण विभाग के जरिए लागू होने वाली इस योजना में सीधा नकद लाभ (Direct Benefit) देने की तैयारी है।
| योजना का चरण | प्रस्तावित आर्थिक सहायता |
| चुनाव से पहले (पहली किस्त) | ₹20,000 |
| चुनाव के बाद (सरकार बनने पर) | ₹30,000 (₹10,000 की 3 किस्तें) |
| कुल संभावित राशि | ₹50,000 |
हालांकि, इस योजना की पात्रता के नियम और इसे लागू करने का तरीका क्या होगा, इस पर अभी आधिकारिक फैसला आना बाकी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह योजना मध्य प्रदेश की ‘लाडली बहना’, महाराष्ट्र की ‘माझी लाडकी बहीण’ और बिहार की योजनाओं की तर्ज पर महिलाओं का वोट सुरक्षित करने का एक बड़ा कदम है।
इस प्रस्तावित योजना के सामने आते ही सियासत गरमा गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए इसे महज एक ‘चुनावी जुमला’ करार दिया।
पाप की कमाई का आरोप: अखिलेश ने कहा कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए अब केवल पैसे का सहारा बचा है, जिसे यूपी की जागरूक महिलाएं कभी स्वीकार नहीं करेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में पैसे देने का वादा करके सत्ता में आई भाजपा अब महिलाओं को परेशान कर रही है और पैसे वापस मांग रही है।
5 लाख रुपये का गणित: अखिलेश यादव ने भाजपा की 50 हजार रुपये सालाना योजना पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ थी, तो पिछले 10 सालों में यह राशि दी जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा, “पिछले 10 साल के हिसाब से भाजपा महिलाओं के हिस्से का 5 लाख रुपया खा गई। अब 20 हजार देकर ठगने की कोशिश हो रही है।
20 हजार रुपया तो 5 लाख रुपये का केवल 4% हुआ। यानी 80:20 की बात करने वाले भाजपाई महिलाओं के हक का 96% डकार गए और 96:4 का भ्रष्टाचार का सुपर रिकॉर्ड बना दिया।”
अखिलेश यादव ने जनता पर भाजपा सरकार का 4,80,000 रुपये का बकाया निकालते हुए दावा किया कि जनाक्रोश के डर से भाजपा नेता भूमिगत हो गए हैं और कोई पार्टी का टिकट भी नहीं लेना चाहता।
इसी कड़ी में अखिलेश ने बड़ा चुनावी वादा करते हुए ऐलान किया, “हम 40,000 रुपये से शुरुआत करेंगे, जिसमें हर साल बढ़ोतरी होगी।”
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