Owaisi UP Election 2027
🚀 UP चुनाव 2027: ओवैसी का ‘गेम चेंजर’ प्लान तैयार! 200 सीटों पर नजर, बहराइच के मटेरा से शंखनाद और मायावती से गठबंधन की चाह “
लखनऊ/बहराइच: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2027) को लेकर सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है।
असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने यूपी फतह के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
ओवैसी की पार्टी इस बार यूपी में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का महाप्लान बना रही है। इसी सिलसिले में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी रविवार (14 जून) को यूपी पहुंच रहे हैं, जहां से वे आधिकारिक तौर पर अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं ओवैसी के यूपी मिशन, गठबंधन की सुगबुगाहट और सियासी हलचल की पूरी इनसाइड स्टोरी:
ओवैसी अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत बहराइच जिले के ‘मटेरा’ इलाके से करने जा रहे हैं। रविवार को यहां उनकी एक विशाल जनसभा होगी।
मटेरा का समीकरण: जिस मटेरा सीट पर ओवैसी रैली कर रहे हैं, वह समाजवादी पार्टी (SP) का अभेद्य किला माना जाता है। 2012 में इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद से आज तक सपा यहां से कभी चुनाव नहीं हारी है। फिलहाल यहां से सपा की मारिया शाह विधायक हैं।
इससे पहले ओवैसी की पार्टी ने अखिलेश यादव के गढ़ इटावा में भी “2027 में गेम बदल देंगे” के बैनर-पोस्टर लगाकर ई-रिक्शा रैली निकाली थी।
यूपी में अपना जनाधार मजबूत करने के लिए ओवैसी ‘मुस्लिम-दलित’ समीकरण साधने की कोशिश में हैं।
शौकत अली का बयान: AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी यूपी में मायावती (Mayawati) की बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है।
वोट शेयर का गणित: पार्टी का मानना है कि यूपी में मुस्लिम और दलित वोट मिलकर कुल वोट शेयर का करीब 40 फीसदी बैठता है। अगर यह गठबंधन होता है, तो यह यूपी की सियासत में बड़ा ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है।
बिहार और महाराष्ट्र निकाय चुनावों में सफलता के बाद ओवैसी यूपी में दमखम दिखा रहे हैं। हालांकि, विधानसभा चुनावों में उनका पिछला रिकॉर्ड बहुत उत्साहजनक नहीं रहा है:
2017 चुनाव: 38 सीटों पर चुनाव लड़ा, 37 पर जमानत जब्त हो गई।
2022 चुनाव: 96 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सिर्फ 0.43 फीसदी वोट मिले।
निकाय चुनाव में मिली संजीवनी: विधानसभा के उलट निकाय चुनावों में ओवैसी को अच्छी कामयाबी मिली। 2017 में 29 उम्मीदवार जीते, जबकि 2023 के निकाय चुनावों में पार्टी ने 5 नगर पालिका परिषद सीटें और 75 पार्षद सीटें जीतीं।
ओवैसी के इस दौरे को लेकर यूपी की सियासत पूरी तरह से गर्म हो गई है। माना जा रहा है कि ओवैसी बहराइच में सालार मसूद गाज़ी की दरगाह पर भी जा सकते हैं।
इस बीच, योगी सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने AIMIM नेता शौकत अली के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है।
राजभर ने ‘X’ पर लिखा: “ओवैसी साहब, यूपी आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का थोड़ा ज्ञान अपने सिपहसालार को भी दे दें।
दरगाह जाने से पहले याद रखें कि इसी भूमि पर महाराजा सुहेलदेव राजभर ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष कर भारत के स्वाभिमान की रक्षा की थी। अनावश्यक उग्रता और अहंकार इतिहास में कभी सम्मान नहीं दिलाता।”
नोट: उत्तर प्रदेश की राजनीति, विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों और सियासी हलचल से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
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